मौसम केंद्र (IMD) के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब अब महत्वपूर्ण मौसमी सिस्टम के रूप में विकसित हो रहा है। अगले 24 घंटे के बाद इसके और मजबूत होने की संभावना है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
आज इन 10 जिलों में तेज बारिश
गुरुवार को छतरपुर, पन्ना, सतना, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा में भारी बारिश होने का अनुमान है।
इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, अनूपपुर, सागर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
25-26 सितंबर को बढ़ेगा बारिश का असर
बंगाल की खाड़ी से बने सिस्टम के मजबूत होने के बाद 25 और 26 सितंबर को प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। खासकर पूर्वी हिस्से के अधिकांश जिलों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। मानसून की विदाई से पहले सिस्टम का सक्रिय होना प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का एक और दौर ला सकता है।
मानसून की विदाई में अब सिर्फ 6 दिन
मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून का सामान्य समय 1 जून से 30 सितंबर तक रहता है। ऐसे में मानसून की औपचारिक विदाई में अब छह दिन बाकी हैं। इस बार भी सितंबर के आखिरी सप्ताह से मानसून की वापसी शुरू होने की संभावना है। राजस्थान के कई जिलों से मानसून लौट चुका है।
बुधवार को कई जिलों में हुई तेज बारिश
इससे पहले बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहा। राजधानी भोपाल में रुक-रुककर कभी तेज तो कभी हल्की बारिश हुई। नर्मदापुरम के इटारसी में करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। खरगोन में भी करीब आधे घंटे हुई तेज बारिश के कारण अनाज मंडी में रखा लगभग 200 क्विंटल मक्का भीग गया। इसके अलावा खंडवा, टीकमगढ़ समेत कई जिलों में भी बारिश दर्ज की गई।
सामान्य से 2.4 इंच कम बारिश
IMD के मुताबिक प्रदेश में अब तक 870.5 मिमी यानी 34.3 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके मुकाबले अब तक सामान्य बारिश 36.7 इंच यानी 931.7 मिमी होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश में सामान्य से 2.4 इंच कम बारिश हुई है। ओवरऑल बारिश का आंकड़ा सामान्य से 7% कम है। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 2% और पश्चिमी हिस्से में 11% कम बारिश हुई है।
पूर्वी हिस्से में इन जिलों में कमी
जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा सामान्य से करीब 2% तक कम है। वहीं बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 23% तक कम बारिश दर्ज हुई है। हालांकि पिछले एक सप्ताह में इन जिलों के आंकड़ों में सुधार आया है। बुधवार को पूर्वी हिस्से में बारिश की कमी का आंकड़ा माइनस 2% रहा।
पश्चिमी हिस्से के इन जिलों में बारिश कम
पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 8% से 50% तक कम बारिश हुई है। यहां दिए आंकड़ों में खंडवा का नाम स्रोत में दो बार दर्ज है।
इन 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
