एनडीटीवी से बातचीत में तुकाराम मुंढे ने कहा कि लोगों के लिए शाहरुख खान अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ बड़े स्टार हो सकते हैं लेकिन उनके लिए वे उन लोगों के तौर पर देखे जाते हैं जिन्होंने संबंधित उत्पाद का विज्ञापन किया है। उन्होंने कहा कि अगर विज्ञापन के जरिए कानून का उल्लंघन हुआ है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उनके मुताबिक FDA ने जो कार्रवाई शुरू की है वह कानून के तहत की गई है और इस मामले में आगे की प्रक्रिया भी नियमों के अनुसार ही चलेगी।
मुंढे ने यह भी बताया कि तीनों अभिनेताओं को 11 अगस्त को नोटिस जारी किया गया था और उनसे निर्धारित समय के भीतर जवाब मांगा गया था। तीनों में से एक अभिनेता के जवाब को लेकर कार्रवाई आगे बढ़ने की बात कही गई है। हालांकि जब उनसे विशेष रूप से पूछा गया कि क्या शाहरुख खान ने नोटिस का जवाब दिया है तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी पूरी जानकारी याद नहीं है क्योंकि यह मामला असिस्टेंट कमिश्नर के स्तर पर है। उन्होंने संभावना जताई कि शायद जवाब नहीं दिया गया है लेकिन इस बारे में वह निश्चित नहीं हैं। वहीं उन्होंने संकेत दिया कि बाकी दो अभिनेताओं की ओर से दिए गए जवाब पर विभाग की ओर से विचार किया जाएगा।
इस पूरे मामले में सबसे अहम मुद्दा विज्ञापन करने वाले सेलिब्रिटी की जिम्मेदारी को लेकर है। आमतौर पर किसी उत्पाद से जुड़ी कानूनी जिम्मेदारी को निर्माता या कंपनी से जोड़ा जाता है लेकिन तुकाराम मुंढे ने इस तर्क से असहमति जताई है। उनका कहना है कि जिस व्यक्ति या संस्था की ओर से किसी उत्पाद का प्रचार किया जा रहा है उसे भी उस उत्पाद और उसके दावों के बारे में पर्याप्त जानकारी हासिल करनी चाहिए। यानी किसी ब्रांड का चेहरा बनने से पहले विज्ञापन करने वाले व्यक्ति की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
शाहरुख खान की बात करें तो उनकी पिछली रिलीज फिल्म डंकी थी जो 2023 में आई थी। अब वह किंग को लेकर चर्चा में हैं जिसमें सुहाना खान सहित कई कलाकार नजर आएंगे। अजय देवगन भी कई बड़े प्रोजेक्ट्स में दिखाई देने वाले हैं। वहीं टाइगर श्रॉफ की फिल्मों को लेकर भी दर्शकों की नजर बनी हुई है। ऐसे में तीनों सितारों से जुड़ा यह मामला फिल्मी दुनिया के साथ-साथ सेलिब्रिटी विज्ञापनों की जिम्मेदारी पर भी बहस खड़ी करता है।
