सेमीकॉन इंडिया 2026 में भारत के साथ 52 अन्य देशों की कंपनियां भी भाग ले रही हैं। आयोजन में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र से जुड़े कंपनियों के प्रतिनिधियों के अलावा निवेशक, वैज्ञानिक, स्टार्टअप, छात्र और सरकारी अधिकारी भी शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य भारत में सेमीकंडक्टर से जुड़े काम और कारोबार को आगे बढ़ाने से संबंधित विषयों पर चर्चा के लिए विभिन्न पक्षों को एक मंच पर लाना है।
इस आयोजन में 600 से ज्यादा प्रदर्शक शामिल हुए हैं। इनमें करीब 300 विदेशी कंपनियां हैं। प्रदर्शकों के लिए 15 हजार वर्ग मीटर का प्रदर्शनी क्षेत्र तैयार किया गया है। कार्यक्रम में 150 से ज्यादा विशेषज्ञ और वक्ता भी हिस्सा ले रहे हैं। वे सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़े नए काम, उपलब्ध अवसर और क्षेत्र के सामने मौजूद चुनौतियों पर चर्चा करेंगे।
सेमीकॉन इंडिया 2026 में छह देशों के विशेष पवेलियन भी बनाए गए हैं। इनमें जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड, सिंगापुर और स्वीडन शामिल हैं। इनके अलावा 12 राज्य सरकारों के पवेलियन भी प्रदर्शनी में मौजूद हैं। इससे विभिन्न देशों और राज्यों की ओर से सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र से जुड़े प्रयासों तथा गतिविधियों को सामने रखने का अवसर मिल रहा है।
कार्यक्रम में स्टार्टअप और छात्रों के लिए भी विशेष स्थान रखा गया है। करीब 40 स्टार्टअप अपने प्रोजेक्ट और नए विचारों को प्रदर्शित कर रहे हैं। इस तरह आयोजन में उद्योग से जुड़े बड़े संस्थानों के साथ नई तकनीक और नए विचारों पर काम कर रहे स्टार्टअप और छात्रों को भी भागीदारी का अवसर मिला है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेमीकॉन इंडिया में मौजूद सभी लोगों का स्वागत किया और विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान विश्वकर्मा को निर्माण और सृजन की शक्ति के प्रतीक के रूप में बताते हुए कहा कि संयोग है कि इसी दिन से सेमीकॉन इंडिया की शुरुआत हो रही है।
प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लक्ष्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश का प्रत्येक नागरिक एक प्रतिबद्धता के साथ विकसित भारत के निर्माण में जुटा है। उन्होंने बीते 15 दिनों के दौरान भारत में हुए विभिन्न घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए देश की विकास यात्रा की दिशा और गति पर बात रखी।
प्रधानमंत्री ने सितंबर में मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट का उल्लेख किया, जहां एजेंटिक एआई, टोकनाइजेशन और क्वांटम टेक्नोलॉजी के माध्यम से समावेशी वित्त पर चर्चा हुई। उन्होंने इसी अवधि में करीब 3,000 किलोमीटर लंबे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के पूरी तरह चालू होने का भी उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने सितंबर में जारी भारत की तिमाही जीडीपी रिपोर्ट का जिक्र करते हुए विकास से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों की जानकारी सामने रखी।
