सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश में शिक्षकों की पात्रता परीक्षा आयोजित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने परीक्षा कराने की जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा मंडल को दी है। इसके बाद परीक्षा की व्यवस्थाओं को लेकर मंडल और लोक शिक्षण संचालनालय के स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह और माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव बुद्धेश वैद्य सहित संबंधित अधिकारी बैठक में परीक्षा की आगे की प्रक्रिया पर चर्चा करेंगे।
परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया पहले कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से शुरू की गई थी। शुरुआत में आवेदन के लिए समय निर्धारित किया गया था लेकिन अपेक्षाकृत कम आवेदन आने के बाद अंतिम तारीख में बदलाव किया गया। इसके बावजूद 16 सितंबर तक आवेदन करने वाले शिक्षकों की संख्या करीब 19100 ही पहुंच सकी है। अब विभाग चाहता है कि पात्र शिक्षकों को परीक्षा में शामिल होने के लिए पर्याप्त अवसर मिले। इसी वजह से आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।
अधिकारियों की बैठक के बाद यह स्पष्ट होगा कि आवेदन की अवधि कितने दिनों के लिए बढ़ाई जाएगी। निर्णय होने के बाद एमपी ऑनलाइन और कर्मचारी चयन मंडल को आवेदन अवधि बढ़ाने से संबंधित जानकारी दी जाएगी। इसके बाद शिक्षक निर्धारित अतिरिक्त अवधि में परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे। परीक्षा की तारीख फिलहाल आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुई है लेकिन माध्यमिक शिक्षा मंडल की तैयारियों को देखते हुए दिसंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में परीक्षा आयोजित किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
मंडल के अधिकारियों के अनुसार परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों की संख्या सामने आने के बाद व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। परीक्षा केंद्रों से लेकर प्रश्नपत्र और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के लिए तैयारी में समय लगता है। इसी वजह से आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद परीक्षा की तारीख तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। ऐसे में दिसंबर में TET कराने की संभावना बनी हुई है।
इधर शिक्षक पात्रता परीक्षा के साथ शिक्षकों से जुड़े दूसरे मुद्दे भी चर्चा में हैं। लंबे समय से उच्च पद का प्रभार संभाल रहे शिक्षक पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता चाहते हैं। पदोन्नति प्राप्त कर चुके कई शिक्षकों को पदस्थापना आदेश का इंतजार भी है। शिक्षकों का कहना है कि पदोन्नति के बाद नवीन दायित्व और कार्यस्थल को लेकर जल्द स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
इसके अलावा ई-अटेंडेंस व्यवस्था में सामने आ रही तकनीकी और व्यवहारिक दिक्कतों के समाधान की मांग भी उठ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या और तकनीकी कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं होने जैसी स्थितियों को लेकर शिक्षकों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश की जरूरत बताई जा रही है। शिक्षक वर्ग चाहता है कि TET से लेकर पदोन्नति और ई-अटेंडेंस तक सभी मामलों में विभाग लिखित और समयबद्ध निर्देश जारी करे। अब गुरुवार की बैठक के बाद TET आवेदन की अंतिम तारीख और परीक्षा की संभावित समय-सारिणी को लेकर तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।
