सबसे पहला संकेत है चार्जर का जरूरत से ज्यादा गर्म होना। चार्जिंग के दौरान अडैप्टर का हल्का गर्म होना सामान्य हो सकता है लेकिन अगर चार्जर इतना गर्म हो जाए कि उसे छूना मुश्किल लगे तो इसे सामान्य नहीं माना जाना चाहिए। लगातार अत्यधिक गर्म होना अडैप्टर के अंदर किसी खराबी या इलेक्ट्रिकल समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में चार्जर का इस्तेमाल रोककर उसकी जांच करवाना बेहतर है।
दूसरा बड़ा संकेत है केबल का कटना या उसका बाहरी कवर निकल जाना। अगर चार्जिंग केबल कहीं से टूट गई है या उसके अंदर के तार दिखाई देने लगे हैं तो ऐसे चार्जर का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। क्षतिग्रस्त तार से करंट लीकेज और शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ सकता है। खास तौर पर अगर केबल को हिलाने या मोड़ने पर चार्जिंग बार बार बंद और शुरू होती है तो यह केबल में खराब कनेक्शन का संकेत हो सकता है।
तीसरा संकेत चार्जर से जलने जैसी गंध आना या असामान्य आवाज सुनाई देना है। अगर अडैप्टर से चटकने की आवाज आती है या जलने जैसी गंध महसूस होती है तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। ऐसी स्थिति में चार्जर को तुरंत बिजली के सॉकेट से निकाल देना सुरक्षित कदम है। दोबारा इस्तेमाल करने से पहले विशेषज्ञ से इसकी जांच करवानी चाहिए।
चौथा संकेत है लैपटॉप का बार बार चार्ज होना बंद होना। अगर चार्जर लगाने के बावजूद लैपटॉप कभी चार्ज हो रहा है और कभी नहीं तो समस्या चार्जर के साथ साथ केबल या कनेक्टर में भी हो सकती है। प्लग या कनेक्टर को हिलाने पर चार्जिंग शुरू या बंद होना खराब कनेक्शन की तरफ इशारा करता है। ऐसे चार्जर का लंबे समय तक इस्तेमाल करना उचित नहीं है।
पांचवां संकेत है अडैप्टर प्लग या कनेक्टर पर दरार काले निशान या पिघला हुआ प्लास्टिक दिखाई देना। ये संकेत ओवरहीटिंग या इलेक्ट्रिकल डैमेज से जुड़े हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में चार्जर को बदल देना ज्यादा सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
नया चार्जर खरीदते समय केवल कीमत देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। लैपटॉप के लिए सही वोल्टेज पावर रेटिंग और कनेक्टर वाला चार्जर चुनना जरूरी है। जहां संभव हो भरोसेमंद और प्रमाणित चार्जर का इस्तेमाल करें। चार्जर में ऊपर बताए संकेत दिखाई दें तो खराबी बढ़ने का इंतजार करने के बजाय समय रहते उसे बदलना ही समझदारी है।
