नए टावरों के स्थापित होने से शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी नेटवर्क की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल भुगतान, वीडियो स्ट्रीमिंग, क्लाउड सेवाओं और वर्क फ्रॉम होम जैसी गतिविधियों ने तेज और स्थिर इंटरनेट की आवश्यकता को और बढ़ा दिया है। ऐसे में 5G नेटवर्क का विस्तार दूरसंचार क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस विस्तार का लाभ उत्तर भारत के अनेक जिलों में रहने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा। बेहतर नेटवर्क उपलब्ध होने से वीडियो कॉलिंग, ऑनलाइन गेमिंग, हाई-डेफिनिशन कंटेंट स्ट्रीमिंग और डिजिटल सेवाओं का अनुभव पहले की तुलना में अधिक सुगम हो सकेगा। साथ ही व्यवसाय, शैक्षणिक संस्थान और सरकारी सेवाएं भी तेज कनेक्टिविटी का लाभ उठा सकेंगी।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि केवल क्षेत्र में 5G नेटवर्क उपलब्ध होना पर्याप्त नहीं है। उपभोक्ताओं को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका स्मार्टफोन 5G तकनीक को सपोर्ट करता हो। इसके अलावा मोबाइल डिवाइस में 5G नेटवर्क से जुड़ी सेटिंग्स सक्रिय होना भी आवश्यक है। कई बार उपयोगकर्ताओं के क्षेत्र में 5G सेवा उपलब्ध होने के बावजूद फोन की सेटिंग्स सही न होने के कारण उन्हें अपेक्षित नेटवर्क स्पीड नहीं मिल पाती।
तकनीकी जानकारों के अनुसार सबसे पहले यह जांचना जरूरी है कि स्मार्टफोन 5G सक्षम है या नहीं। इसके बाद यह भी देखना चाहिए कि उपयोग किया जा रहा सिम कार्ड 5G सेवाओं के अनुकूल है। मोबाइल सॉफ्टवेयर का नवीनतम संस्करण इंस्टॉल होना भी महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि कई बार अपडेट के माध्यम से नेटवर्क से जुड़े सुधार उपलब्ध कराए जाते हैं।
एंड्रॉयड स्मार्टफोन उपयोगकर्ता मोबाइल नेटवर्क या कनेक्टिविटी सेटिंग्स में जाकर पसंदीदा नेटवर्क मोड का चयन कर सकते हैं। यदि 5G विकल्प उपलब्ध हो तो उसे सक्रिय करना चाहिए। अलग-अलग कंपनियों के स्मार्टफोन में यह विकल्प अलग नामों से दिखाई दे सकता है, लेकिन प्रक्रिया लगभग समान रहती है। वहीं आईफोन उपयोगकर्ता भी सेलुलर नेटवर्क सेटिंग्स के माध्यम से 5G विकल्प चुन सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में 5G तकनीक देश के डिजिटल विकास की आधारशिला बनने वाली है। स्मार्ट शहरों, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सेवाओं और उद्योगों के डिजिटलीकरण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यही कारण है कि दूरसंचार कंपनियां लगातार अपने नेटवर्क का विस्तार कर रही हैं और उपभोक्ताओं को नई पीढ़ी की कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने पर जोर दे रही हैं।
बढ़ती डिजिटल जरूरतों के बीच 5G नेटवर्क का विस्तार केवल बेहतर इंटरनेट स्पीड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य की तकनीकी अर्थव्यवस्था के लिए मजबूत आधार तैयार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
