जानकारी के अनुसार, आरक्षक मनोज कतरोलिया करैरा थाने में पदस्थ है। वह विशेष सत्र प्रकरण क्रमांक 24/2025 में मध्य प्रदेश राज्य विरुद्ध कमल सिंह व अन्य मामले में साक्षी के रूप में नामित था। इस मामले में उसकी गवाही दर्ज की जानी थी। न्यायालय ने उसकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए 5 हजार रुपये का जमानती वारंट जारी किया था। संबंधित वारंट की तामील भी कराई जा चुकी थी।
न्यायालय में निर्धारित तारीख पर उपस्थित रहने के लिए आरक्षक ने 11 सितंबर 2026 को 5 हजार रुपये का बंधपत्र निष्पादित किया था। इसके तहत उसे तय तारीख पर अदालत में उपस्थित होना था, लेकिन वह निर्धारित समय पर न्यायालय में पेश नहीं हुआ। उसकी अनुपस्थिति के संबंध में कोई उचित कारण भी प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बंधपत्र की राशि जब्त करने का आदेश दिया।
विशेष न्यायाधीश, एनडीपीएस एक्ट, शिवपुरी ने एमजेसी प्रकरण क्रमांक 409/2026 में 30 अक्टूबर को आदेश पारित किया। इसमें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 491 के तहत आरक्षक के 5 हजार रुपये के बंधपत्र को जब्त करने की कार्रवाई की गई। न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संबंधित राशि सात दिन के भीतर जमा कराई जाए।
आदेश के मुताबिक, आरक्षक मनोज कतरोलिया को 5 हजार रुपये की राशि अनुविभागीय अधिकारी करैरा के माध्यम से न्यायालय में जमा करनी होगी। निर्धारित अवधि के भीतर राशि जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह कार्रवाई न्यायालय में उपस्थित रहने के लिए दिए गए बंधपत्र की शर्तों का पालन नहीं करने के मामले में की गई है।
इस प्रकरण में न्यायालय की ओर से जारी आदेश के तहत आरक्षक को तय समयसीमा में राशि जमा करानी होगी। मामला एनडीपीएस एक्ट से जुड़े विशेष सत्र प्रकरण में गवाही के लिए उपस्थित नहीं होने से संबंधित है। अदालत ने पहले उसकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जमानती वारंट जारी किया था और बंधपत्र भी निष्पादित कराया गया था। इसके बावजूद निर्धारित तारीख पर उपस्थित नहीं होने और अनुपस्थिति का उचित कारण नहीं बताए जाने के बाद बंधपत्र की राशि जब्त करने का आदेश दिया गया।
