मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान राजगढ़, विदिशा, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में मौसम खराब रह सकता है।
दूसरी ओर भोपाल, रायसेन, सीहोर, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, नर्मदापुरम, हरदा, शाजापुर, देवास, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में धूप निकलने की संभावना है।
बारिश से फसलों पर असर, मंडी में भीगा मक्का
बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पांढुर्णा की मंडी में गुरुवार को खुले में रखे मक्के के ढेर बारिश में भीग गए। इससे हजारों क्विंटल मक्का खराब होने की आशंका है। छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में धान की फसल अभी खेतों में खड़ी है। ऐसे में बारिश से धान के दानों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
रायसेन के दशहरा मैदान में धान लेकर पहुंचे किसानों को भी अपनी उपज बचाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। यहां करीब 200 ट्रॉलियों में धान रखा हुआ था। गुरुवार को भोपाल, सागर, सिंगरौली, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, सीहोर और नर्मदापुरम सहित कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। हालांकि, इस बारिश से तुअर, कपास और संतरे की फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
पचमढ़ी में 15.2 डिग्री रहा न्यूनतम तापमान
आंधी और बारिश के चलते प्रदेश के कई इलाकों में दिन के समय ठंडक बढ़ गई। गुरुवार को दिन के तापमान में 2 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई। रात के तापमान की बात करें तो पचमढ़ी प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा नौगांव में 15.6, अमरकंटक में 16.1, खरगोन और दमोह में 17 तथा धार में 17.1 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश से 3 अक्टूबर को ही दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई हो चुकी है। इसके बावजूद नए मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने से प्रदेश में बारिश का दौर बना हुआ है।
