भोपाल पहुंचने पर संघ प्रमुख का स्वागत स्वप्निल कुलकर्णी सहित संघ के प्रांत प्रचारक विमल गुप्ता और कैलाश लोवंशी ने किया। उनके अचानक राजधानी पहुंचने के बाद उनके कार्यक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनके दौरे में संघ पदाधिकारियों के साथ बैठक और जैन मुनि से मुलाकात प्रमुख रूप से शामिल है। इसके बाद वे इंदौर में आयोजित बड़े कार्यक्रम में भाग लेंगे।
समिधा में पदाधिकारियों के साथ बैठक
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मोहन भागवत भोपाल स्थित संघ कार्यालय समिधा में संघ के अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान संगठन से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। संघ के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी इस बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद दोपहर पौने तीन बजे से शाम साढ़े चार बजे के बीच जैन मुनि समय सागर से मुलाकात का कार्यक्रम है। मुलाकात के बाद भागवत इंदौर के लिए रवाना होंगे।
भागवत के दौरे को देखते हुए समिधा कार्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था भी की गई है। राजधानी में उनका प्रवास सीमित समय का है और इसके बाद उनका अगला पड़ाव इंदौर रहेगा। वहां संघ के शताब्दी वर्ष के समापन से जुड़ा आयोजन होना है।
इंदौर में जुटेंगे करीब एक लाख स्वयंसेवक
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के समापन के अवसर पर बुधवार को इंदौर के डेली कॉलेज परिसर में चरैवेति एकत्रीकरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। आयोजकों के मुताबिक कार्यक्रम शाम साढ़े चार बजे से शुरू होगा। इसमें करीब एक लाख स्वयंसेवकों के शामिल होने का अनुमान है। इस आयोजन की जिम्मेदारी संघ के मालवा प्रांत के इंदौर विभाग की ओर से संभाली जा रही है।
कार्यक्रम में संघ के प्रमुख राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ इंदौर महानगर और महू ग्रामीण क्षेत्र के सक्रिय स्वयंसेवक शामिल होंगे। इसके अलावा समाज के प्रबुद्ध वर्ग की मौजूदगी भी रहेगी। आयोजन का उद्देश्य स्वयंसेवकों और समाज के लोगों को राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों में निरंतर सक्रिय रहने का संदेश देना है।
संघ के सौ वर्ष पूरे होने पर सालभर हुए आयोजन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के सौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में वर्षभर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए। चरैवेति एकत्रीकरण इसी श्रृंखला का समापन कार्यक्रम है। इसके माध्यम से संगठन अपने शताब्दी वर्ष के दौरान किए गए कार्यक्रमों को समेटते हुए आगे भी सामाजिक और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों में सक्रिय रहने का संदेश देगा।
मोहन भागवत का भोपाल से इंदौर तक का यह दौरा संघ के शताब्दी वर्ष के समापन कार्यक्रम के लिहाज से महत्वपूर्ण है। भोपाल में पदाधिकारियों के साथ बैठक और जैन मुनि से मुलाकात के बाद इंदौर में होने वाले आयोजन पर सबकी नजर रहेगी।
