नसीरुद्दीन शाह की टिप्पणी पर जताई नाराजगी
एक समाचार एजेंसी से बातचीत में गजेंद्र चौहान ने नसीरुद्दीन शाह की उस टिप्पणी पर आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने बीजेपी के लिए ब्लडी झूठी पार्टी जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। गजेंद्र चौहान ने कहा कि यह दुखद है कि एक वरिष्ठ कलाकार इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी को देश के करोड़ों लोगों ने समर्थन दिया है उसके बारे में इस तरह की टिप्पणी करने से बचना चाहिए। गजेंद्र चौहान ने अपनी बात रखते हुए नसीरुद्दीन शाह से कहा कि उन्हें शर्म आनी चाहिए।
गजेंद्र चौहान ने यह भी स्पष्ट किया कि वह नसीरुद्दीन शाह की अभिनय प्रतिभा का सम्मान करते हैं। हालांकि उनके मुताबिक राजनीतिक और सामाजिक मामलों पर विचार रखते समय सभी पक्षों को समझना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि नसीरुद्दीन शाह की सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो में कई बार किसी मुद्दे का केवल एक पक्ष सामने आता है। गजेंद्र चौहान ने कहा कि वह उन्हें एक बेहतरीन कलाकार और अच्छा इंसान मानते हैं लेकिन उनकी टिप्पणियों में संतुलित नजरिए की कमी महसूस करते हैं।
छात्र आंदोलन को लेकर क्या बोले गजेंद्र चौहान
यह विवाद एसआरएफटीआई में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सामने आया है। संस्थान में छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर नसीरुद्दीन शाह ने अपनी राय जाहिर की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि सत्तारूढ़ दल उन लोगों से बदला लेने की कोशिश करता है जो उसकी विचारधारा और नीतियों से सहमत नहीं हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और फिल्म जगत से जुड़ी बहस तेज हो गई।
गजेंद्र चौहान ने छात्र आंदोलन पर बात करते हुए कहा कि छात्रों को अपनी मांगों और चिंताओं को लेकर विरोध करने का अधिकार है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि किसी विवाद का स्थायी समाधान निकालने के लिए छात्रों और संस्थान के प्रशासन के बीच बातचीत जरूरी है। उनके मुताबिक लंबे समय तक चलने वाला आंदोलन अपने आप समस्या का समाधान नहीं कर सकता। इसके लिए दोनों पक्षों को एक दूसरे की बात सुननी होगी और सहमति बनाने की दिशा में प्रयास करना होगा।
राजनीतिक मुद्दों पर कलाकारों की राय से बढ़ी बहस
नसीरुद्दीन शाह और गजेंद्र चौहान की इस बयानबाजी ने एक बार फिर राजनीतिक मुद्दों पर कलाकारों की भूमिका को चर्चा में ला दिया है। एक ओर नसीरुद्दीन शाह ने सरकार और सत्तारूढ़ दल की नीतियों पर सवाल उठाए हैं तो दूसरी ओर गजेंद्र चौहान ने उनकी भाषा और नजरिए पर आपत्ति जताई है। दोनों कलाकारों की टिप्पणियों के बीच एसआरएफटीआई का छात्र आंदोलन भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस पूरे मामले में छात्रों की मांगों और संस्थान के प्रशासन के पक्ष को समझना भी जरूरी है। फिलहाल गजेंद्र चौहान की टिप्पणी के बाद दोनों कलाकारों के बयानों को लेकर बहस जारी है। विवाद का समाधान बातचीत से निकलता है या राजनीतिक बयानबाजी आगे भी जारी रहती है इस पर सबकी नजर बनी हुई है।
