भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के छोला इलाके में शनिवार दोपहर थिंक गैस की भूमिगत पाइपलाइन में आग लगने से हड़कंप मच गया। घटना छोला ब्रिज के पास हुई जहां मेट्रो निर्माण का काम चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जेसीबी से खुदाई के दौरान गैस पाइपलाइन में लीकेज हुआ और इसके बाद आग की लपटें उठने लगीं। बताया गया कि आग की लपटें करीब 10 फीट तक पहुंच रही थीं। अचानक लगी आग को देखकर आसपास मौजूद लोग घबरा गए और ब्रिज के पास लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने आग बुझाने का प्रयास किया और संबंधित गैस कंपनी से पाइपलाइन की सप्लाई बंद कराई गई। गैस की आपूर्ति बंद होने के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। घटना के बाद इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली।
दोपहर साढ़े 12 बजे के आसपास हुई घटना
जानकारी के अनुसार घटना शनिवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे की है। छोला ब्रिज के पास से थिंक गैस की भूमिगत पीएनजी पाइपलाइन गुजरती है। इसी क्षेत्र में मेट्रो निर्माण से जुड़ा काम किया जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि खुदाई के दौरान जेसीबी से पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई और गैस का रिसाव शुरू हो गया। इसके बाद आग लग गई और लपटें तेजी से ऊपर उठने लगीं। हालांकि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। घटना के दौरान आग की ऊंची लपटें देखकर आसपास मौजूद लोग सतर्क हो गए और मौके पर अफरा तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार घटना शनिवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे की है। छोला ब्रिज के पास से थिंक गैस की भूमिगत पीएनजी पाइपलाइन गुजरती है। इसी क्षेत्र में मेट्रो निर्माण से जुड़ा काम किया जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि खुदाई के दौरान जेसीबी से पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई और गैस का रिसाव शुरू हो गया। इसके बाद आग लग गई और लपटें तेजी से ऊपर उठने लगीं। हालांकि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। घटना के दौरान आग की ऊंची लपटें देखकर आसपास मौजूद लोग सतर्क हो गए और मौके पर अफरा तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को हटाया
गैस लाइन में आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। ब्रिज के पास आग देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। स्थिति को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने लोगों को घटनास्थल से दूर किया ताकि बचाव कार्य में किसी तरह की बाधा न आए। छोला फायर टीम के फायर फाइटर पंकज यादव सहित अन्य कर्मचारियों ने आग बुझाने का मोर्चा संभाला। दमकलकर्मियों ने पानी की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। लेकिन गैस लाइन से रिसाव जारी रहने की स्थिति में आग को पूरी तरह बुझाना चुनौतीपूर्ण हो सकता था। ऐसे में गैस कंपनी से संपर्क कर लाइन बंद कराई गई।
गैस लाइन में आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। ब्रिज के पास आग देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। स्थिति को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने लोगों को घटनास्थल से दूर किया ताकि बचाव कार्य में किसी तरह की बाधा न आए। छोला फायर टीम के फायर फाइटर पंकज यादव सहित अन्य कर्मचारियों ने आग बुझाने का मोर्चा संभाला। दमकलकर्मियों ने पानी की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। लेकिन गैस लाइन से रिसाव जारी रहने की स्थिति में आग को पूरी तरह बुझाना चुनौतीपूर्ण हो सकता था। ऐसे में गैस कंपनी से संपर्क कर लाइन बंद कराई गई।
गैस सप्लाई बंद होने के बाद बुझी आग
जानकारी के मुताबिक थिंक गैस कंपनी से पाइपलाइन की सप्लाई बंद कराई गई। इसके बाद दमकल टीम आग पर पूरी तरह काबू पाने में सफल रही। आग बुझने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत महसूस की। घटना में किसी के हताहत होने या घायल होने की जानकारी खबर में नहीं दी गई है। हालांकि इस तरह की घटनाओं में गैस रिसाव के कारण आग दोबारा भड़कने का खतरा बना रह सकता है इसलिए पाइपलाइन की जांच और सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जाती है।
जानकारी के मुताबिक थिंक गैस कंपनी से पाइपलाइन की सप्लाई बंद कराई गई। इसके बाद दमकल टीम आग पर पूरी तरह काबू पाने में सफल रही। आग बुझने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत महसूस की। घटना में किसी के हताहत होने या घायल होने की जानकारी खबर में नहीं दी गई है। हालांकि इस तरह की घटनाओं में गैस रिसाव के कारण आग दोबारा भड़कने का खतरा बना रह सकता है इसलिए पाइपलाइन की जांच और सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जाती है।
पहले भी सामने आ चुका है गैस लाइन लीकेज का मामला
भोपाल में गैस पाइपलाइन लीकेज की यह पहली घटना नहीं है। खबर के अनुसार कुछ महीने पहले शाहपुरा थाने के सामने भी गैस लाइन में लीकेज हुआ था। छोला ब्रिज के पास हुई ताजा घटना ने निर्माण कार्य के दौरान भूमिगत पाइपलाइन की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। मेट्रो और अन्य निर्माण परियोजनाओं के दौरान जमीन के नीचे मौजूद गैस तथा दूसरी उपयोगी सेवाओं की पाइपलाइन को नुकसान से बचाना जरूरी है। ऐसे मामलों में खुदाई से पहले संबंधित लाइनों की सही पहचान और सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतना महत्वपूर्ण होता है। फिलहाल छोला ब्रिज के पास लगी आग पर काबू पा लिया गया है और घटना के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
भोपाल में गैस पाइपलाइन लीकेज की यह पहली घटना नहीं है। खबर के अनुसार कुछ महीने पहले शाहपुरा थाने के सामने भी गैस लाइन में लीकेज हुआ था। छोला ब्रिज के पास हुई ताजा घटना ने निर्माण कार्य के दौरान भूमिगत पाइपलाइन की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। मेट्रो और अन्य निर्माण परियोजनाओं के दौरान जमीन के नीचे मौजूद गैस तथा दूसरी उपयोगी सेवाओं की पाइपलाइन को नुकसान से बचाना जरूरी है। ऐसे मामलों में खुदाई से पहले संबंधित लाइनों की सही पहचान और सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतना महत्वपूर्ण होता है। फिलहाल छोला ब्रिज के पास लगी आग पर काबू पा लिया गया है और घटना के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
