योजना के पहले चरण में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड को शामिल किया गया है। इन सात शहरों में कुल 351 बसों का संचालन शुरू होगा। इनमें 120 बसें इंटरसिटी सेवा के लिए और 231 बसें इंट्रासिटी सेवा के लिए निर्धारित की गई हैं। इंटरसिटी बसें अलग-अलग शहरों के बीच यात्रियों को आवागमन की सुविधा देंगी, जबकि इंट्रासिटी बसें शहरों के अंदर संचालित होंगी।
बसों का शहरवार वितरण भी निर्धारित किया गया है। इंदौर में सबसे अधिक 145 बसें चलाई जाएंगी। इनमें 50 इंटरसिटी और 95 इंट्रासिटी बसें शामिल हैं। भोपाल में कुल 106 बसें संचालित होंगी, जिनमें 23 इंटरसिटी और 83 इंट्रासिटी बसें रहेंगी। जबलपुर में 67 बसों का संचालन होगा। इनमें 14 बसें शहरों के बीच और 53 बसें शहर के भीतर चलेंगी।
इसके अलावा रीवा में 18, देवास में 10, कटनी में तीन और भिंड में दो इंटरसिटी बसें शुरू की जाएंगी। इस तरह पहले चरण में बड़े शहरों के साथ अन्य क्षेत्रों को भी सार्वजनिक बस सेवा से जोड़ने की व्यवस्था की गई है।
परिवहन विभाग ने इंटरसिटी बसों के लिए किराया दो रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित किया है। भोपाल में भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के साथ पीएम बस सेवा का संचालन किया जा रहा है। वहीं इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन सहित अन्य शहरों में बस सेवाओं को एक विभागीय व्यवस्था के तहत संचालित करने की योजना है।
सेवा के शुभारंभ से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार देर रात बीएचईएल दशहरा मैदान पहुंचे और कार्यक्रम की तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने मंच, सभा स्थल और यात्रियों तथा कार्यक्रम से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बसों का निरीक्षण किया और वहां मौजूद चालकों से बातचीत भी की। इस दौरान परिवहन सचिव मनीष सिंह भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 21 साल बाद प्रदेश में लोक परिवहन बस सेवा की शुरुआत की जा रही है। उन्होंने आधुनिक ई-बसों और सुविधायुक्त बसों का नेटवर्क चरणबद्ध तरीके से नगरों और जिलों तक विस्तारित करने की बात कही। योजना के तहत बस स्टॉप, बस स्टैंड, इलेक्ट्रॉनिक सुविधाओं और बेहतर नियंत्रण व्यवस्था को विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा।
सरकार की योजना सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क का विस्तार करते हुए यात्रियों को सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराने की है। पहले चरण में सात शहरों से शुरू हो रही यह सेवा आगे प्रदेश के अन्य नगरों और जिलों तक पहुंचाई जाएगी। इसके तहत बसों के संचालन और परिवहन सुविधाओं को व्यवस्थित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
