मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहे। बैठक में ग्वालियर में विकसित किए जा रहे टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन यानी TMZ को विशेष रूप से निवेशकों के सामने रखा गया। सरकार की ओर से बताया गया कि इस क्षेत्र में निवेश के लिए बढ़ती रुचि को देखते हुए अब दूसरे चरण की तैयारी की जाएगी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक TMZ में पहले से करीब 5000 करोड़ रुपए के निवेश का आधार तैयार हो चुका है और नए प्रस्ताव आने के बाद अतिरिक्त जमीन की जरूरत होगी।
मुख्यमंत्री ने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योगों की जरूरत के मुताबिक जमीन उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार काम करेगी। सरकार का फोकस निवेशकों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने और अनुमति प्रक्रिया को आसान बनाने पर भी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सिंगल विंडो व्यवस्था नीतिगत सहयोग और औद्योगिक अधोसंरचना का उल्लेख करते हुए निवेशकों को राज्य में विस्तार के अवसरों से अवगत कराया।
बेंगलुरु की बैठक में थोलोन्स की ओर से मध्यप्रदेश में 210 करोड़ रुपए के निवेश से ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। वहीं असेइक मावेन सिलिकॉन की ओर से करीब 100 करोड़ रुपए के निवेश से चिप डिजाइन हाउस स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। कोर-आईसी टेक्नोलॉजीज ने भी लगभग 100 करोड़ रुपए के निवेश से चिप डिजाइन सर्विसेज विकसित करने में रुचि दिखाई। इससे मध्यप्रदेश में सेमीकंडक्टर और चिप डिजाइन जैसे तकनीकी क्षेत्रों में संभावित विस्तार की तस्वीर सामने आती है।
स्टार्टअप सेक्टर को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण चर्चा हुई। डीपटेक वेंचर कैपिटल फंड सीफंड की ओर से मध्यप्रदेश के स्टार्टअप्स के लिए करीब 200 करोड़ रुपए की फंडिंग उपलब्ध कराने की योजना पर बात हुई। इसके अलावा आधुनिक डेटा सेंटर स्थापित करने और स्पेसटेक क्षेत्र में संभावित सहयोग को लेकर भी निवेशकों के साथ बातचीत हुई। मोबिलिटी और पर्यावरण से जुड़े क्षेत्रों की कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी प्रदेश में अपनी योजनाओं को लेकर चर्चा की।
ड्रोन तकनीक को लेकर भी निवेश की संभावनाएं तलाशी गईं। एयरबाउंड आइडियाफोर्ज नॉटिकल विंग्स न्यूस्पेस एंड रिसर्च टेक्नोलॉजीज और अनमैन्ड सिस्टम्स से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ मध्यप्रदेश में ड्रोन निर्माण और परीक्षण का इकोसिस्टम विकसित करने पर बातचीत हुई। तकनीक आधारित इन क्षेत्रों में निवेश आने से प्रदेश में नए औद्योगिक अवसरों के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और कौशल विकास की संभावनाएं भी बन सकती हैं।
बेंगलुरु संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्वालियर TMZ की विशेषताओं के साथ मध्यप्रदेश के अन्य शहरों में उद्योग विस्तार की संभावनाओं पर भी चर्चा की। अब इन निवेश प्रस्तावों को अगले चरण में ले जाने के लिए जमीन और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था पर काम किया जाएगा। निवेश प्रस्ताव फिलहाल कंपनियों की रुचि और प्रस्तावित निवेश हैं इसलिए वास्तविक निवेश का आकार और परियोजनाओं का क्रियान्वयन आगे की प्रक्रिया और औपचारिक मंजूरियों पर निर्भर करेगा।
