नए प्रावधान के मुताबिक, ग्राहकों को 30 दिन और 30 दिन से कम अवधि वाले Voice-SMS-only रिचार्ज का विकल्प भी देना होगा। इन प्लान की वैलिडिटी संबंधित Voice, SMS और Data वाले STV की वैलिडिटी के अनुरूप रखी जाएगी। साथ ही, डेटा सेवा शामिल नहीं होने के कारण इन प्लान की कीमत में उचित कमी करनी होगी।
इस बदलाव से उन मोबाइल ग्राहकों को अलग रिचार्ज विकल्प मिलने की उम्मीद है, जिन्हें इंटरनेट डेटा की जरूरत कम या बिल्कुल नहीं होती। ऐसे ग्राहक अपनी आवश्यकता के अनुसार केवल कॉल और SMS की सुविधा वाला प्लान चुन सकेंगे और डेटा के लिए भुगतान करने से बच सकेंगे।
नियामक ने अपने फैसले में मौजूदा Voice-SMS-only प्लान की वैलिडिटी को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। अभी ऐसे कई प्लान सीमित विकल्पों के साथ उपलब्ध हैं और कुछ मामलों में इनकी अवधि 80 या 84 दिन, जबकि कुछ की वैलिडिटी 336 या 365 दिन तक होती है। कम अवधि का रिचार्ज चाहने वाले ग्राहकों के लिए ऐसे विकल्प सीमित रहे हैं।
नए नियमों में हर महीने एक निश्चित तारीख को रिन्यू होने वाले Voice-SMS-only प्लान की सुविधा का भी प्रावधान किया गया है। इसका मतलब है कि ग्राहक हर महीने उसी तारीख को अपना प्लान रिन्यू करा सकेंगे। अगर किसी महीने में चुनी गई तारीख मौजूद नहीं होगी, तो रिन्यूअल उस महीने की आखिरी तारीख को किया जाएगा।
इस व्यवस्था से रिचार्ज की तारीख को लेकर ग्राहकों को बार-बार अलग-अलग तारीख याद रखने की जरूरत कम होगी। खास तौर पर नियमित रूप से Voice और SMS का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह विकल्प उपयोगी हो सकता है।
नए प्रावधान केवल कम अवधि वाले रिचार्ज तक सीमित नहीं हैं। टेलीकॉम कंपनियों को कम से कम एक लंबी वैलिडिटी वाला Voice-SMS-only STV भी उपलब्ध कराना होगा। इसकी वैलिडिटी संबंधित डेटा वाले प्लान की अवधि से जुड़ी होगी।
हालांकि, नए नियम लागू होने के बाद डेटा वाले मौजूदा बंडल प्लान बंद नहीं किए जाएंगे। ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार डेटा, Voice और SMS वाले मौजूदा प्लान या केवल Voice-SMS सुविधा वाले नए विकल्पों में से चुनाव कर सकेंगे।
नए नियम 21 सितंबर 2026 को अधिसूचित किए गए हैं। इनके लागू होने की प्रक्रिया Official Gazette में प्रकाशन के 30 दिन बाद शुरू होगी। इसके बाद टेलीकॉम कंपनियों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार Voice-SMS-only रिचार्ज उपलब्ध कराने होंगे।
इस बदलाव के साथ मोबाइल रिचार्ज बाजार में ग्राहकों के लिए प्लान चुनने के विकल्प बढ़ेंगे। खासकर ऐसे उपभोक्ता, जिन्हें इंटरनेट डेटा की जरूरत नहीं है, वे अपनी जरूरत के मुताबिक केवल कॉल और SMS वाली सेवा का विकल्प ले सकेंगे।
