नई दिल्ली । अभिनेता आर माधवन के बेटे वेदांत माधवन ने एशियन गेम्स 2026 में भारत की ओर से तैराकी में अपना डेब्यू किया। प्रतियोगिता में उनके प्रदर्शन को लेकर लोगों की नजरें टिकी थीं, क्योंकि वेदांत इससे पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं। हालांकि, एशियन गेम्स में अपने पहले मुकाबले में उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी और भारतीय टीम फाइनल में जगह बनाने से चूक गई।
वेदांत ने 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल स्विमिंग रिले में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस स्पर्धा में उनके साथ भारतीय टीम के तीन अन्य तैराक भी शामिल थे। भारतीय चौकड़ी ने रेस पूरी करने में 7 मिनट 24.32 सेकंड का समय लिया। इस प्रदर्शन के साथ भारत 13 टीमों के बीच नौवें स्थान पर रहा।
रिले स्पर्धा के नियमों के मुताबिक केवल शीर्ष आठ टीमों को फाइनल में प्रवेश मिलना था। भारतीय टीम नौवें स्थान पर रहने के कारण फाइनल की दौड़ से बाहर हो गई। इस तरह वेदांत का एशियन गेम्स में पहला मुकाबला फाइनल तक नहीं पहुंच सका।
वेदांत के लिए यह प्रतियोगिता इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह पहली बार एशियन गेम्स में भारत की टीम का हिस्सा बने हैं। उन्हें 2026 एशियन गेम्स के लिए 200 मीटर फ्रीस्टाइल, 200 मीटर बैकस्ट्रोक और 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले के लिए भारतीय टीम में चुना गया है। आने वाली स्पर्धाओं में उनके पास अपने प्रदर्शन को बेहतर करने का मौका रहेगा।
वेदांत इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए पदक जीत चुके हैं। साल 2023 में मलेशिया ओपन स्विमिंग चैम्पियनशिप में उन्होंने पांच गोल्ड मेडल हासिल किए थे। अलग-अलग स्पर्धाओं में उनके प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय तैराकी के उभरते खिलाड़ियों में पहचान दिलाई है।
वेदांत ने अपने करियर के लिए फिल्मों की जगह तैराकी को चुना। अभिनेता के बेटे होने के कारण उनके सामने मनोरंजन जगत में आगे बढ़ने का विकल्प मौजूद था, लेकिन उन्होंने अपने खेल के प्रति रुचि को प्राथमिकता दी और स्विमिंग में करियर बनाने का फैसला किया।
वेदांत की तैयारी को लेकर आर माधवन और उनकी पत्नी सरिता ने भी उनका साथ दिया। बेहतर प्रशिक्षण और खेल की तैयारियों के लिए परिवार ने दुबई में रहने का फैसला किया, जहां वेदांत ओलंपिक स्तर की तैयारी में जुटे रहते हैं। उनके खेल करियर को लेकर परिवार की ओर से लगातार समर्थन मिलता रहा है।
एशियन गेम्स में रिले मुकाबले का परिणाम वेदांत और भारतीय टीम के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, लेकिन यह उनके अंतरराष्ट्रीय सफर का एक महत्वपूर्ण अनुभव है। आने वाली स्पर्धाओं में उनके प्रदर्शन पर नजर रहेगी। इससे पहले हासिल किए गए अंतरराष्ट्रीय पदकों के आधार पर वेदांत के पास अपनी क्षमता दिखाने और प्रतियोगिता में आगे बढ़ने के कई अवसर मौजूद हैं।
