iPhone 18 Pro Max का 256GB मॉडल 179900 रुपये की शुरुआती कीमत के साथ आता है। इसके अलावा फोन 512GB 1TB और 2TB स्टोरेज विकल्पों में भी उपलब्ध है। वहीं iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 164900 रुपये बताई गई है। दोनों मॉडल की बिक्री 18 सितंबर से शुरू हो चुकी है।
अगर आप iPhone 18 Pro Max 256GB मॉडल को EMI पर खरीदने की योजना बना रहे हैं तो Apple India Store पर Instant Cashback के साथ EMI 28817 रुपये प्रति महीने से शुरू होती है। अब सवाल यह है कि इतनी EMI को अपनी सैलरी के हिसाब से कैसे मैनेज किया जाए। यदि कोई व्यक्ति अपनी मासिक आय का करीब 12 प्रतिशत हिस्सा EMI के लिए रखना चाहता है तो 28817 रुपये की EMI के लिए लगभग 2.40 लाख रुपये मासिक सैलरी की जरूरत होगी।
वहीं अगर कोई व्यक्ति अपनी कमाई का 15 प्रतिशत तक EMI में रखने की योजना बनाता है तो करीब 1.92 लाख रुपये मासिक सैलरी पर यह EMI बैठती है। दूसरी तरफ अगर EMI को केवल 10 प्रतिशत मासिक आय तक सीमित रखना चाहते हैं तो करीब 2.88 लाख रुपये प्रति महीने की कमाई की जरूरत होगी। इससे साफ है कि फोन खरीदने के लिए जरूरी सैलरी इस बात पर निर्भर करती है कि आपकी आय का कितना हिस्सा EMI के लिए निर्धारित है।
अगर EMI के बजाय iPhone 18 Pro Max को पूरी रकम देकर खरीदना चाहते हैं तो 256GB मॉडल के लिए 179900 रुपये खर्च करने होंगे। एक सामान्य बजट गणना के तौर पर करीब 1.80 लाख रुपये या उससे अधिक की मासिक आय होने पर फोन की कीमत एक महीने की कमाई के आसपास बैठती है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि इतनी सैलरी वाले व्यक्ति के लिए फोन खरीदना वित्तीय रूप से हमेशा उचित होगा। किराया बचत निवेश घरेलू खर्च और दूसरी EMI जैसी जिम्मेदारियों को ध्यान में रखना भी जरूरी है।
पुराना स्मार्टफोन एक्सचेंज करने पर खर्च कुछ कम हो सकता है। Apple Trade In के जरिए पुराने फोन की स्थिति और मॉडल के आधार पर एक्सचेंज क्रेडिट मिल सकता है। दिए गए स्रोत के अनुसार पुराने स्मार्टफोन पर करीब 4500 रुपये से लेकर 81500 रुपये तक का एक्सचेंज फायदा मिल सकता है। इससे नए फोन के लिए भुगतान की जाने वाली रकम और EMI दोनों कम हो सकते हैं।
इस तरह iPhone 18 Pro Max खरीदने से पहले अपनी सैलरी के साथ मौजूदा खर्चों और वित्तीय लक्ष्यों का भी हिसाब लगाना जरूरी है। फोन की कीमत 179900 रुपये से शुरू होती है और EMI का बोझ कम या ज्यादा रखने के हिसाब से जरूरी मासिक आय भी बदलती है। इसलिए खरीदारी का फैसला केवल EMI देखकर नहीं बल्कि पूरे मासिक बजट को ध्यान में रखकर करना बेहतर होगा।
