अफगानिस्तान के खिलाफ पूरी सीरीज में भारत ने अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को ओपनिंग की जिम्मेदारी दी। दोनों बल्लेबाजों ने इस मौके का फायदा उठाते हुए शानदार प्रदर्शन किया। खासकर तीसरे टी20 मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 37 गेंदों में शतक जड़ दिया। उनके इस प्रदर्शन के दम पर भारत ने अफगानिस्तान को 127 रन से हराया और तीन मैचों की सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया।
सीरीज के बाद गौतम गंभीर ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर टीम मैनेजमेंट का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि वैभव के साथ इस विषय पर बातचीत बिल्कुल साफ है। उन्हें अपनी बारी का इंतजार करना होगा। टीम मैनेजमेंट उनकी प्रतिभा से पूरी तरह वाकिफ है और जानता है कि वह क्या कर सकते हैं लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अनुभव और लगातार प्रदर्शन की भी अपनी अहमियत होती है।
गंभीर के मुताबिक जो खिलाड़ी पिछले दो तीन साल से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है वह उस खिलाड़ी से आगे रहेगा जिसने अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा है। ऐसे में फिलहाल अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को हटाकर वैभव को मौका देने की जल्दबाजी नहीं है। इसका मतलब यह नहीं है कि टीम मैनेजमेंट वैभव को नजरअंदाज कर रहा है बल्कि उन्हें सही समय पर मौका देने की योजना है।
गंभीर ने यह भी संकेत दिया कि जब वैभव को प्लेइंग इलेवन में जगह मिलेगी तो उन्हें सिर्फ एक या दो मैचों का मौका नहीं दिया जाएगा। टीम मैनेजमेंट उन्हें खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त अवसर देगा। यानी युवा बल्लेबाज को एक लंबी अवधि के मौके के लिए तैयार रहना होगा।
गंभीर ने उम्र को लेकर भी अपनी बात रखी। उनका कहना है कि क्रिकेट में इंतजार की स्थिति खिलाड़ी की उम्र देखकर नहीं बदलती। खिलाड़ी 15 साल का हो या 30 साल का उसे अगर अपनी बारी का इंतजार करना है तो करना होगा। टीम में प्रतिस्पर्धा और प्रतिभा होना जरूरी है लेकिन हर खिलाड़ी को अपने मौके के लिए इंतजार करना पड़ता है।
अभिषेक और संजू को लगातार मौका देने के पीछे एक और वजह भी है। गंभीर के मुताबिक टीम मैनेजमेंट अफगानिस्तान सीरीज में उस ओपनिंग कॉम्बिनेशन को दोबारा आजमाना चाहता था जिसने टी20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन किया था। सिर्फ तीन चार मैचों के खराब प्रदर्शन के आधार पर किसी खिलाड़ी को बाहर करना उचित नहीं माना गया। दोनों बल्लेबाजों ने अफगानिस्तान के खिलाफ फिर साबित किया कि उन्हें लगातार मौके क्यों दिए जा रहे हैं।
वैभव ने जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था। इसके बाद छह मुकाबलों में दो अर्धशतक लगाकर उन्होंने अपनी क्षमता दिखाई है। गंभीर के संदेश से इतना स्पष्ट है कि टीम मैनेजमेंट युवा बल्लेबाज की प्रतिभा पर भरोसा करता है। फिलहाल वैभव को इंतजार करना होगा और जब उनकी बारी आएगी तो उन्हें खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त मौके दिए जाएंगे।
