पुलिस के मुताबिक इस पूरी वारदात की शुरुआत करीब 10 दिन पहले हुई थी। भोपाल का रहने वाला राज फिरोजाबाद में अपने रिश्तेदारों के यहां आया था। इसी दौरान उसने पशु व्यापारियों की गतिविधियों पर नजर रखी। उसे पता चला कि व्यापारी सुबह की हाट में जाने के लिए रात करीब दो बजे बड़ी रकम लेकर घर से निकलते हैं। राज ने यह जानकारी भोपाल के चार बदमाशों रिहान खालिद अरसव और आबिद को दी। इसके बाद चारों को फिरोजाबाद बुलाया गया। पुलिस के अनुसार इनमें अरसव और आबिद निगरानीशुदा बदमाश हैं।
14 सितंबर की रात पशु व्यापारी जान मोहम्मद रहीश और अनीश कार से बाजार जाने के लिए निकले थे। घर से करीब 20 मीटर आगे पहुंचने के बाद एक व्यापारी को याद आया कि उसका मोबाइल घर पर छूट गया है। कार वापस लौटाई गई और वह मोबाइल लेने घर चला गया। इसी दौरान दो अन्य व्यापारी कुछ दूरी पर बाथरूम के लिए चले गए। बदमाशों ने इसी मौके का फायदा उठाया और कार में रखे नकदी से भरे दो बैग लेकर फरार हो गए। दोनों बैग में कुल 41 लाख रुपए थे।
लूट के बाद आरोपी कार से टूंडला पार करते हुए मध्य प्रदेश की तरफ बढ़ गए। पुलिस की घेराबंदी से बचते हुए उन्होंने करीब 118 किलोमीटर का सफर लगभग दो घंटे में पूरा किया। 15 सितंबर की सुबह करीब चार बजे मुरैना के कोतवाली थाना क्षेत्र के फ्लाईओवर पर ओवरटेक करने के दौरान उनकी कार आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। हादसे में चारों घायल हो गए और कार में फंस गए।
इसी दौरान वहां से गुजर रही पुलिस टीम ने घायलों को बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की। कुछ देर बाद भाजपा नेता अर्जुन तोमर भी मौके पर पहुंचे। घायलों ने उनसे कार से बैग निकालने को कहा और बताया कि उनमें कपड़े हैं। एक बैग उठाने पर उन्हें वह असामान्य रूप से सख्त और भारी लगा। शक होने पर उन्होंने दोनों बैग पुलिस को सौंप दिए। तलाशी में नोटों की गड्डियां बरामद हुईं।
इसके बाद पुलिस ने घायलों से पूछताछ की तो फिरोजाबाद की लूट की पूरी कड़ी सामने आ गई। आरोपियों के मोबाइल और कॉल डिटेल की जांच शुरू की गई। पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपियों के कुछ रिश्तेदार हादसे की जानकारी मिलने के बाद मुरैना पहुंचने वाले थे। फिरोजाबाद पुलिस की टीम भी मुरैना पहुंची और आरोपियों से पूछताछ की।
जांच में आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आ रहे हैं। पुलिस खालिद के खिलाफ दर्ज पुराने मामलों के साथ आबिद के ATM क्लोनिंग से जुड़े मामलों की भी पड़ताल कर रही है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि 41 लाख की इस लूट के पीछे सिर्फ चार बदमाश थे या कोई बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय है। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से शुरू हुई वारदात की कड़ियां भोपाल और मुरैना तक पहुंचने के बाद पुलिस दोनों राज्यों में आरोपियों के संपर्क और गतिविधियों की जांच कर रही है।
