उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 11 सितंबर को एनएसई के आईपीओ का जीएमपी 218 रुपये प्रति शेयर था। इसके बाद 12 सितंबर को यह 208 रुपये, 13 सितंबर को 210 रुपये और 14 सितंबर को 208 रुपये रहा। 15 सितंबर को जीएमपी घटकर 160 रुपये और 16 सितंबर को 145 रुपये पर आ गया। 17 सितंबर को यह 125 रुपये बताया गया, जबकि दोपहर तीन बजे के आसपास यह 148 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर पहुंच गया। एक सप्ताह के दौरान इस स्तर पर कुल मिलाकर करीब 32 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
ग्रे मार्केट प्रीमियम किसी आईपीओ के शेयरों के लिए अनौपचारिक बाजार में इश्यू प्राइस के ऊपर चल रहे प्रीमियम को दर्शाता है। हालांकि, जीएमपी आधिकारिक बाजार मूल्य नहीं होता और इसके आधार पर शेयर की वास्तविक लिस्टिंग कीमत की गारंटी नहीं दी जा सकती। आईपीओ की लिस्टिंग के समय बाजार की परिस्थितियां, निवेशकों की मांग और अन्य कारक वास्तविक कीमत को प्रभावित कर सकते हैं।
एनएसई का आईपीओ 17 सितंबर से 21 सितंबर तक आम निवेशकों के लिए खुला रहेगा। कंपनी ने इसके लिए 1,700 रुपये से 1,785 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। ऊपरी मूल्य सीमा के आधार पर इश्यू का आकार 22,561.57 करोड़ रुपये है। आईपीओ में कुल 12.64 करोड़ शेयर पेश किए जा रहे हैं।
यह पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस के रूप में है। इसका मतलब है कि आईपीओ के तहत पेश किए जा रहे शेयर मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी से संबंधित हैं। इसलिए इश्यू से मिलने वाली राशि कंपनी के कारोबार में नई पूंजी के रूप में सीधे नहीं जाएगी, बल्कि मौजूदा निवेशकों को प्राप्त होगी।
एनएसई के आईपीओ को लेकर निवेशकों के लिए कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की ऑपरेशन से आय 16,601.31 करोड़ रुपये रही। यह वित्त वर्ष 2025 में दर्ज 17,140.67 करोड़ रुपये की आय से कम है। इस तरह सालाना आधार पर ऑपरेशन से आय में तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज हुई।
कंपनी की आय के प्रमुख स्रोतों में शामिल ट्रांजैक्शन चार्जेज में भी कमी आई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार समीक्षा अवधि में यह आय 13,635.76 करोड़ रुपये से घटकर 13,057.01 करोड़ रुपये रह गई। यानी इसमें सालाना आधार पर करीब चार प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।
आईपीओ खुलने के साथ अब निवेशकों के सामने कंपनी के मूल्यांकन, वित्तीय प्रदर्शन, इश्यू प्राइस और बाजार में संभावित मांग जैसे कई पहलू हैं। वहीं जीएमपी में आई हालिया गिरावट ने संभावित लिस्टिंग प्रीमियम को लेकर बाजार की उम्मीदों में बदलाव का संकेत दिया है। हालांकि अंतिम लिस्टिंग कीमत का निर्धारण आधिकारिक बाजार में कारोबार शुरू होने के बाद ही होगा।
