इस परीक्षा को लेकर एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब शिक्षक पात्रता परीक्षा ऑनलाइन माध्यम से नहीं बल्कि पूरी तरह ऑफलाइन आयोजित की जाएगी। परीक्षा में वस्तुनिष्ठ यानी ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्न पूछे जाएंगे। शिक्षकों के मूल्यांकन के लिए प्रश्नपत्र आधारित परीक्षा व्यवस्था अपनाई जाएगी। परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों की संख्या के आधार पर परीक्षा केंद्रों की संख्या तय की जाएगी। यानी जितने अधिक आवेदन आएंगे उसी हिसाब से परीक्षा केंद्र बढ़ाए जा सकते हैं।
शिक्षकों को कोशिश की जाएगी कि उनके लिए नजदीकी परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराया जाए। हालांकि परीक्षा केंद्रों का अंतिम निर्धारण आवेदकों की संख्या के आधार पर होगा। अगर आवेदन संख्या अधिक रही तो ज्यादा केंद्र बनाए जा सकते हैं। वहीं आवेदन सीमित रहने की स्थिति में परीक्षा केंद्रों की संख्या भी उसी अनुपात में रखी जा सकती है।
शिक्षक पात्रता परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी अब माध्यमिक शिक्षा मंडल यानी माशिमं को दी गई है। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद माशिमं ने परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी है। परीक्षा की पूरी कार्ययोजना तैयार की जाएगी और इसके बाद प्रश्नपत्रों की छपाई सहित दूसरी व्यवस्थाओं पर काम शुरू होगा। कर्मचारी चयन मंडल द्वारा अब तक वसूली गई परीक्षा फीस को माध्यमिक शिक्षा मंडल को ट्रांसफर किया जाएगा।
दरअसल शिक्षक संगठनों की ओर से परीक्षा ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन कराने की मांग की गई थी। इसके बाद कर्मचारी चयन मंडल ने ऑफलाइन परीक्षा आयोजित कराने से इनकार कर दिया था। लोक शिक्षण संचालनालय के प्रस्ताव के बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल ने परीक्षा कराने को लेकर प्रस्ताव तैयार किया जिसे शासन की मंजूरी मिल गई। इसके बाद माशिमं के परीक्षा एजेंसी बनने का रास्ता साफ हो गया।
इस बीच अध्यापक संवर्ग के शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता को लेकर भी मामला चर्चा में है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर शिक्षकों की कठिनाइयों के निराकरण की मांग की है। उन्होंने अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा बैतूल की ओर से दिए गए ज्ञापन का उल्लेख करते हुए TET की अनिवार्यता से जुड़ी समस्याओं पर शासन स्तर पर उचित निर्णय लेने का अनुरोध किया है।
परीक्षा को लेकर प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों की पात्रता परीक्षा अलग अलग होने की संभावना भी सामने आई है। ऐसे में शिक्षकों के लिए आवेदन से लेकर परीक्षा केंद्र और प्रश्नपत्र तक पूरी प्रक्रिया नए स्वरूप में होगी। फिलहाल सबसे ज्यादा नजर आवेदन की नई अंतिम तारीख पर है जिसका फैसला जल्द होने की उम्मीद है।
