मंत्री राजभर ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्होंने उसी सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मुद्दे पर चर्चा की है। उन्होंने धरने पर बैठे पंचायत सहायकों की मांगों को जायज बताते हुए उनके पक्ष में कई घोषणाएं कीं।
डीएम की कमेटी की जांच के बाद ही हटाया जा सकेगा
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अब पंचायत सहायकों को ग्राम प्रधान या पंचायत सचिव अपनी मर्जी से नहीं हटा सकेंगे। किसी पंचायत सहायक को हटाने के लिए डीएम के नेतृत्व में गठित कमेटी की जांच जरूरी होगी। जांच के बाद ही इस संबंध में कार्रवाई की जा सकेगी।
मंत्री के मुताबिक, इस व्यवस्था का उद्देश्य पंचायत सहायकों की नौकरी से जुड़े फैसलों में मनमानी पर रोक लगाना है। मानदेय सीधे खाते में पहुंचने से भुगतान की प्रक्रिया में भी बदलाव आएगा।
संजय निषाद के बयान पर बोले राजभर- चुनाव से पहले सभी अपना दांव आजमा रहे
कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद के बयान पर भी ओम प्रकाश राजभर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संजय निषाद जितनी सीटें हारेंगे, उतनी सीटें राजभर एनडीए को जिताएगा। राजभर ने कहा कि चुनाव नजदीक आने के साथ हर नेता अपने-अपने राजनीतिक दांव आजमा रहा है।
दरअसल, संजय निषाद ने दावा किया था कि निषाद पार्टी की वजह से भाजपा कई सीटों पर जीत हासिल करने में सफल रही थी। इसी बयान को लेकर राजभर से सवाल किया गया था।
गोंडा हत्याकांड और सपा पर भी साधा निशाना
अखिलेश यादव के सरकार से बाहर निकलने को लेकर दिए गए तंज के संदर्भ में राजभर ने गोंडा के व्यापारी हत्याकांड का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार ने कानूनी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया और सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।
राजभर ने आरोप लगाया कि 80% घटनाएं सपा से जुड़े लोगों द्वारा की जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पीडीए की बैठकों में दलितों को बैठने तक की जगह नहीं मिलती।
बोले- 2027 में जनता देगी जवाब
सपा सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि जनता उसके कार्यकाल के कारनामों को अभी भूली नहीं है। उन्होंने दावा किया कि 2027 के चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।
राजभर ने कहा कि सिर्फ बयानबाजी के आधार पर सरकार नहीं बनाई जा सकती। चुनावी राजनीति में नेताओं के दावों और बयानों के बीच उन्होंने अपने सहयोगी दल के नेताओं की टिप्पणियों पर भी प्रतिक्रिया दी।
