एथलेटिक्स एशियन गेम्स में भारत के लिए लंबे समय से पदक दिलाने वाले प्रमुख खेलों में शामिल रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार भारत ने एशियन गेम्स के 19 संस्करणों में एथलेटिक्स से कुल 283 पदक जीते हैं। इनमें 85 स्वर्ण 102 रजत और 96 कांस्य पदक शामिल हैं। इस बार नीरज चोपड़ा की गैरमौजूदगी के बावजूद भारतीय दल में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिन पर नजर रहेगी। मुरली श्रीशंकर गुलवीर सिंह अविनाश साबले तजिंदरपाल सिंह पारुल चौधरी राजेश रमेश और रोहित यादव से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।
निशानेबाजी भी भारत के लिए अहम खेल रहेगा। एशियन गेम्स के इतिहास में भारतीय निशानेबाजों ने अब तक 80 पदक हासिल किए हैं जिनमें 16 स्वर्ण 30 रजत और 34 कांस्य पदक शामिल हैं। पिछले एशियन गेम्स में भारतीय निशानेबाजों ने 22 पदक जीते थे। इस बार मनु भाकर के साथ ईशा सिंह ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर आशी चौकसे और सुरुचि जैसे खिलाड़ियों पर भी नजर रहेगी।
कुश्ती में भी भारतीय पहलवान पदक के लिए जोर लगाएंगे। एशियन गेम्स में भारत ने इस खेल में अब तक 65 पदक जीते हैं। इनमें 11 स्वर्ण 15 रजत और 39 कांस्य पदक शामिल हैं। अमन सहरावत अंतिम पंघाल दीपक पूनिया मनीषा और सुजीत कलकल भारतीय चुनौती को मजबूत करने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कुश्ती को शामिल नहीं किए जाने के बाद भारतीय पहलवानों के लिए एशियन गेम्स एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच होगा।
मुक्केबाजी में भी भारत की उम्मीदें मजबूत हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय मुक्केबाजों के प्रदर्शन के बाद एशियन गेम्स को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। महिला वर्ग में साक्षी चौधरी प्रीति पवार और लवलीना बोरगोहेन पर नजर होगी। पुरुष वर्ग में जादुमणि सिंह सचिन सिवाच अंकुश और नरेंद्र बेरवाल भारतीय चुनौती पेश करेंगे।
इस बार क्रिकेट भी एशियन गेम्स का हिस्सा है और भारत की पुरुष तथा महिला टीमें इसमें हिस्सा लेंगी। पिछले एशियन गेम्स में दोनों भारतीय टीमों ने स्वर्ण पदक जीता था। महिला टीम 18 सितंबर को अपना पहला मैच खेलेगी जबकि पुरुष टीम 28 सितंबर से अभियान शुरू करेगी। ऐसे में एशियन गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन इन प्रमुख खेलों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर खास तौर पर निर्भर रहेगा।
