सुनील शेट्टी ने बताया है कि उन्होंने कम उम्र से ही फिटनेस को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया था। करीब 15 साल की उम्र में उनकी मुलाकात महान क्रिकेटर विवियन रिचर्ड्स से हुई थी। इसी मुलाकात के दौरान फिटनेस को लेकर उनके मन में एक अलग सोच विकसित हुई। इसके बाद से ही उन्होंने अपने शरीर को मजबूत और एक्टिव रखने पर ध्यान देना शुरू किया और समय के साथ यह उनकी जीवनशैली का हिस्सा बन गया।
सुनील शेट्टी के फिटनेस रूटीन में वर्कआउट और संतुलित डाइट दोनों की अहम भूमिका है। अभिनेता सुबह जल्दी उठने की कोशिश करते हैं और आमतौर पर सुबह करीब 5 बजे एक्सरसाइज शुरू कर देते हैं। अगर किसी वजह से वह सुबह जल्दी वर्कआउट नहीं कर पाते हैं तो भी कोशिश रहती है कि सुबह 8 बजे तक उनकी कसरत पूरी हो जाए। उनके वर्कआउट में वेट लिफ्टिंग रनिंग वॉकिंग स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और स्क्वॉट्स जैसी एक्सरसाइज शामिल रहती हैं। इसके अलावा वह मानसिक शांति और शरीर के संतुलन के लिए योग भी करते हैं।
फिटनेस के साथ उनकी डाइट भी काफी अनुशासित है। सुनील शेट्टी ब्लैक कॉफी के साथ खजूर लेना पसंद करते हैं। उनके लंच और डिनर में प्रोटीन से भरपूर भोजन शामिल रहता है। दक्षिण भारतीय होने के कारण वह चावल खाना पसंद करते हैं लेकिन इसकी मात्रा सीमित रखते हैं। वह खाने में तेल की मात्रा बेहद कम रखने की कोशिश करते हैं। डेयरी प्रोडक्ट्स से एलर्जी होने के कारण वह दूध और दही जैसी चीजों से भी दूरी रखते हैं।
उनकी डाइट का सबसे अहम हिस्सा वह दो चीजें हैं जिन्हें उन्होंने लगभग पूरी तरह छोड़ दिया है। सुनील शेट्टी चीनी से दूरी बनाए रखते हैं और जंक फूड को अपनी डाइट का हिस्सा नहीं बनाते। इसके अलावा वह तेल का इस्तेमाल भी धीरे-धीरे कम कर रहे हैं। अभिनेता ग्लूटेन का सेवन भी सीमित रखते हैं क्योंकि उनके मुताबिक इससे उन्हें सिरदर्द और पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है।
सुनील शेट्टी का फिटनेस मंत्र साफ है कि शरीर को फिट रखने के लिए नियमित एक्सरसाइज के साथ सही खानपान और अनुशासन बेहद जरूरी है। वह अपनी भूख और जरूरत के हिसाब से भोजन की मात्रा तय करने पर भी ध्यान देते हैं। यही वजह है कि 65 साल की उम्र में भी वह फिटनेस के मामले में कई युवा कलाकारों को कड़ी टक्कर देते नजर आते हैं।
