पटवारी भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा द्वारा भोपाल मास्टर प्लान लागू करने की मांग को लेकर आयोजित 31 घंटे के उपवास कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस कार्यक्रम को अपना समर्थन दिया। इस दौरान कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
पटवारी ने कहा कि भोपाल और इंदौर के मास्टर प्लान को लेकर कांग्रेस लगातार आवाज उठाती रही है। उनके मुताबिक, भोपाल में मास्टर प्लान लागू करने की मांग को लेकर पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा ने उपवास किया है। इससे पहले व्यापारियों और विधायक आरिफ मसूद की ओर से भी इस मुद्दे को लेकर आंदोलन किया गया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अलग-अलग अवसरों पर सरकार से भोपाल और इंदौर का मास्टर प्लान लागू करने की मांग करती रही है। अब पार्टी ने नगरीय प्रशासन मंत्री, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि अगले तीन महीने के भीतर दोनों शहरों का मास्टर प्लान जारी किया जाए।
पटवारी का कहना है कि मास्टर प्लान के अभाव में दोनों शहरों का विकास बेतरतीब तरीके से हो रहा है। इसका असर आम जनता और व्यापारियों पर पड़ रहा है और उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार तय अवधि में मास्टर प्लान नहीं लाती है तो कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इंदौर से भोपाल तक प्रस्तावित पदयात्रा केवल मास्टर प्लान की मांग तक सीमित नहीं रहेगी। पटवारी के अनुसार, इसमें प्रदेश में फैल रहे भ्रष्टाचार और बेतरतीब विकास के खिलाफ भी जनआंदोलन का रूप देने की कोशिश की जाएगी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने जनता से वोट लिए हैं। यदि वही जनता मूलभूत सुविधाओं और व्यवस्थित विकास के लिए संघर्ष करने को मजबूर है तो इसे जनता के साथ अन्याय माना जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता और व्यापारियों की आवाज बनकर सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।
पटवारी ने राहुल गांधी के 19 सितंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश के ऐसे पहले नेता प्रतिपक्ष हैं, जो किसी गैर-राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे हैं। इसके बावजूद सरकार ने कार्यक्रम के लिए मैदान के उपयोग के नाम पर 10 लाख रुपये का शुल्क लिया है।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वह नेता प्रतिपक्ष के रूप में भोपाल आते थे, तब कांग्रेस सरकार उन्हें कार्यक्रम की अनुमति देती थी और स्वयं भी उनके कार्यक्रम में शामिल होकर उन्हें सुनती थी। पटवारी ने राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए मैदान का शुल्क लिए जाने को दोनों सरकारों की सोच के बीच अंतर बताया।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का कार्यक्रम छात्रों और युवाओं से जुड़ा है और इसमें बड़ी संख्या में युवा अपनी बात रखने के लिए शामिल होंगे। पटवारी ने सरकार से राजनीतिक दुर्भावना से ऊपर उठकर लोकतांत्रिक परंपराओं और जनभावनाओं का सम्मान करने की अपील की।
