गणेश उत्सव के दौरान शहरभर में बड़ी संख्या में पंडाल लगाए जाते हैं, जहां रोशनी और अन्य व्यवस्थाओं के लिए बिजली की जरूरत होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए बिजली आपूर्ति से जुड़ी तैयारियां की गई हैं। पंडाल आयोजक अस्थायी बिजली कनेक्शन के लिए ‘न्यू कनेक्शन’ सेक्शन के जरिए आवेदन कर सकते हैं।
बिजली कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य गणेश पंडालों को भरोसेमंद अस्थायी बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना है, ताकि उत्सव के दौरान बिजली व्यवस्था निर्बाध बनी रहे। कंपनी ने बताया कि पिछले वर्ष पूरे मुंबई में 1,000 से अधिक गणेश पंडालों को निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई गई थी।
इस वर्ष कनेक्शन की मंजूरी की प्रक्रिया को तेज करने और पूरे उत्सव के दौरान भरोसेमंद बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। बिजली से जुड़ी किसी भी समस्या का तेजी से समाधान करने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम को रणनीतिक रूप से तैनात किया जाएगा।
पंडालों में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आयोजकों से बिजली की वायरिंग के लिए केवल अधिकृत और लाइसेंस प्राप्त इलेक्ट्रिकल कॉन्ट्रैक्टर का इस्तेमाल करने की अपील की गई है। आयोजकों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि पंडाल स्थल पर बिजली की वायरिंग पूरी तरह तैयार हो और मीटर केबिन में केवल अधिकृत कर्मचारियों को ही प्रवेश मिले।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत कनेक्शन में मानक वायर और स्विच का इस्तेमाल करने, आपात स्थिति के लिए एक सिंगल आइसोलेशन पॉइंट रखने और तारों को मानक इंसुलेशन टेप से सुरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं। मीटर केबिन और स्विच तक पहुंचने का रास्ता भी साफ रखने को कहा गया है।
इसके अलावा पंडाल आयोजकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कनेक्टेड लोड स्वीकृत लोड से अधिक न हो। मीटर केबिन के पास स्पष्ट संचालन निर्देशों वाला फायर एक्सटिंग्विशर और डेंजर बोर्ड रखने के साथ उचित अर्थिंग सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है।
पंडालों में अनधिकृत एक्सटेंशन या सीधे बिजली कनेक्शन का इस्तेमाल नहीं करने तथा वायरिंग में अनावश्यक जोड़ से बचने की हिदायत दी गई है। मीटर केबिन के प्रवेश द्वार तक पहुंच भी बाधित नहीं होनी चाहिए।
सुरक्षा निर्देशों के तहत आम लोगों को फ्लडलाइट्स, पेडेस्टल्स, पंखों या इंसुलेटेड वायरिंग जॉइंट्स तक पहुंचने की अनुमति नहीं देने को कहा गया है। इसके साथ ही स्वीकृत सीमा से अधिक बिजली का इस्तेमाल न करने की अपील की गई है।
गणेश मूर्ति विसर्जन के दौरान रोशनी की व्यवस्था के लिए 167 से अधिक विसर्जन स्थलों पर 2,958 फ्लडलाइट्स लगाए जाने की भी जानकारी दी गई है। इस तरह गणेश पंडालों के अस्थायी बिजली कनेक्शन के साथ विसर्जन स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था की भी तैयारी की गई है।
