पुलिस के मुताबिक 9 सितंबर को गोरखपुर थाना प्रभारी नितिन कमल को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सेठीनगर निवासी बड़कू सोनकर अपने घर से नशीले इंजेक्शनों की बिक्री कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने टीम तैयार की और बताए गए स्थान पर दबिश देने के लिए पहुंच गई। पुलिस को आशंका थी कि आरोपी नशीले इंजेक्शनों को किसी सुरक्षित जगह पर छिपाकर रख सकता है।
पुलिस टीम ने घर की तलाशी शुरू की। इसी दौरान आंगन में निर्माणाधीन कमरे में रखा एक फ्रिज पुलिस के निशाने पर आया। फ्रिज की तलाशी लेने पर उसके अंदर एक थैला मिला। जब पुलिस ने थैला खोला तो उसमें प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन रखे हुए थे। गिनती करने पर कुल 24 इंजेक्शन बरामद हुए। इनमें 11 इंजेक्शन बुप्रेनोरफिन के जबकि 13 इंजेक्शन फेनिरामाइन मैलेट के बताए गए हैं।
पुलिस ने मौके से नशीले इंजेक्शनों की बिक्री से प्राप्त 3950 रुपए भी जब्त किए। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह इन प्रतिबंधित इंजेक्शनों को नशे के आदी लोगों को बेचता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी को नशीले इंजेक्शनों की सप्लाई कहां से मिलती थी और इस अवैध कारोबार में उसके साथ और कौन लोग जुड़े हुए हैं।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी मिला है। पुलिस के अनुसार बड़कू सोनकर आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से छह से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें आर्म्स एक्ट के साथ सट्टा एक्ट एनडीपीएस एक्ट और आबकारी एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं। इस वजह से पुलिस आरोपी से पूछताछ में पुराने मामलों और नशे के नेटवर्क से जुड़े पहलुओं को भी खंगाल रही है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अब जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद इंजेक्शन किस माध्यम से आरोपी तक पहुंचे थे और इनकी सप्लाई किन लोगों तक की जाती थी। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से नशीले इंजेक्शनों की अवैध सप्लाई से जुड़े दूसरे लोगों के बारे में भी जानकारी मिल सकती है।
थाना प्रभारी नितिन कमल के नेतृत्व में पुलिस टीम मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके नेटवर्क से जुड़े संभावित लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
