भारत के पास 190 न्यूक्लियर वॉरहेड
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के पास अब करीब 190 परमाणु वॉरहेड मौजूद हैं. भारत ने अपने एटमी पावरबैंक को बेहद एडवांस और पावरफुल बना लिया है. रिपोर्ट में कहा गया कि भारत के पास करीब 140 से 225 परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त मात्रा में ‘वेपन-ग्रेड प्लूटोनियम’ (परमाणु ईंधन) तैयार हो चुका है. इसमें भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) के ध्रुव रिएक्टर की अहम भूमिका रही है.
नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के पास अब 3 तरीके (न्यूक्लियर ट्रायड) से परमाणु हमला करने वाले 9 अलग-अलग सिस्टम पूरी तरह तैयार और चालू हैं. भारतीय वायुसेना के मिराज-2000 और जगुआर लड़ाकू विमानों को परमाणु हथियार ले जाने और सटीक निशाना लगाने के लिए आधुनिक एविओनिक्स से लैस रखा गया है.
वहीं, अग्नि सीरीज (अग्नि-1 से लेकर अग्नि-5) और पृथ्वी मिसाइलें भारत की जमीन से मार करने वाली बड़ी ताकत हैं. अग्नि-5 की रेंज 5,000 किलोमीटर से ज्यादा है, जो पूरे एशिया और चीन के दूर के हिस्सों तक मार कर सकती है. इसके अलावा रिपोर्ट्स ये भी हैं कि भारत अग्नि 6 मिसाइल भी बना रहा है, जिसकी रेंज 12000 किलोमीटर तक है. इसके अलावा ब्रह्मोस सुपरसॉनिक मिसाइलों को भी न्यूक्लियर वॉरहेड से लैस किया जा सकता है.
समुद्र से भी मार कर सकता है भारत
इसके अलावा समुद्र में भी दुश्मनों पर हमला करने के लिए भारत ने कमर कस रखी है. भारत की स्वदेशी एटमी एनर्जी से चलने वाली पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत और इस कैटेगरी की अन्य पनडुब्बियां समुद्र की गहराइयों में तैनात रहकर दुश्मन पर दूसरा जवाबी हमला करने की काबिलियत रखती हैं.
इतन ही नहीं, अब भारत अपनी मिसाइलों को स्पेशल सीलबंद डिब्बों (कैनिस्टर) में रख रहा है. वहां ये लंबे वक्त तक सुरक्षित रहती हैं. इससे इन्हें सड़क या रेल मार्ग से कहीं भी ले जाना बेहद आसान होता है, और हमले का आदेश मिलते ही इन्हें कुछ ही मिनटों में लॉन्च किया जा सकता है.
कई शहरों पर गिराए जा सकते हैं परमाणु बम!
इसके अलावा, भारत Multiple Independently Targetable Re-entry Vehicle तकनीक पर भी काम कर रहा है, जिससे एक ही मिसाइल से एक साथ अलग-अलग शहरों या ठिकानों पर कई परमाणु बम गिराए जा सकते हैं.
हालांकि, भारत सरकार अपने परमाणु हथियारों के बारे में कभी कोई आधिकारिक बयान नहीं देती. लेकिन DRDO अक्सर उन हथियारों के बारे में जानकारी देता है, जिन्हें वह विकसित कर रहा है. भारत की परमाणु नीति नो फर्स्ट यूज की है. यानी भारत खुद से पहले दुश्मन पर न्यूक्लियर अटैक नहीं करेगा. लेकिन अगर दुश्मन हिमाकत करता है तो भारत के 190 परमाणु हथियार दुनिया के नक्शे से दुश्मन देश का सफाया कर देंगे.
