नगर निगम प्रशासन के अनुसार यह अभियान ‘फूड सेफ्टी वीक’ के तहत चलाया गया। इसका उद्देश्य दुर्गा पूजा से पहले शहर में खाद्य प्रतिष्ठानों की व्यवस्था और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच करना था। अभियान के दायरे में होटल, क्लब, रेस्टोरेंट, बाजार और बाजारों में संचालित अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों को शामिल किया गया। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान खाद्य सामग्री के भंडारण, निर्माण, बिक्री, गुणवत्ता और प्रतिष्ठानों की साफ-सफाई जैसे कई पहलुओं की जांच की।
निरीक्षण के दौरान करीब 1,224 किलोग्राम खाद्य सामग्री को नष्ट किया गया। अधिकारियों को कई स्थानों पर ऐसी खाद्य सामग्री मिली, जिसे खाने के लिए उपयुक्त नहीं माना गया। कुछ प्रतिष्ठानों में भंडारित छेना में फफूंद पाई गई, जबकि कुछ जगहों पर बड़ी मात्रा में खराब मांस बरामद हुआ। एक बड़े स्वीट शॉप के रेफ्रिजरेटर के अंदर कॉकरोच मिलने की बात भी सामने आई। इन स्थितियों को देखते हुए संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
जांच में लाइसेंस से जुड़ी अनियमितताएं भी सामने आईं। कुछ प्रतिष्ठानों के पास खाद्य सामग्री बेचने के लिए रिटेल लाइसेंस मौजूद था, लेकिन जरूरी मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस नहीं था। इसका मतलब था कि संबंधित प्रतिष्ठान खाद्य सामग्री की बिक्री के लिए अधिकृत थे, लेकिन उसके निर्माण से जुड़ी आवश्यक अनुमति उनके पास नहीं थी। अधिकारियों ने ऐसी कमियों को भी निरीक्षण और कार्रवाई का हिस्सा बनाया।
नगर निगम प्रशासन की ओर से बताया गया कि निलंबित किए गए प्रतिष्ठानों को नियमों का पालन करना होगा। यदि संबंधित प्रतिष्ठान आवश्यक मानकों को पूरा करते हैं और कमियों को दूर करते हैं, तो उनके लाइसेंस की स्थिति की दोबारा समीक्षा की जाएगी। कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य कारोबारियों को नियमों के पालन के लिए जिम्मेदार बनाना भी है।
नगर निगम की म्यूनिसिपल एडमिनिस्ट्रेटर स्मिता पांडे ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि पहले लाइसेंस निलंबित करने जैसी कार्रवाई नियमित रूप से नहीं की जाती थी, लेकिन अब विभाग को ऐसी कार्रवाई करने की पूरी छूट है। उनके अनुसार शहर में खाद्य कारोबार से जुड़े लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों को अभियान में शामिल किया गया।
दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता में बड़ी संख्या में लोग रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का रुख करते हैं। ऐसे में त्योहार से पहले खाद्य सुरक्षा को लेकर की गई यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नगर निगम को उम्मीद है कि कार्रवाई के बाद खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठान खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, भंडारण और रसोई की स्वच्छता को लेकर अधिक सावधानी बरतेंगे।
