एफएसएसएआई के अनुसार कंपनी के विनिर्माण संयंत्र के निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि खाद्य पदार्थों का निर्माण पैकेजिंग और भंडारण बेहद अस्वच्छ परिस्थितियों में किया जा रहा था जिससे खाद्य सामग्री के दूषित होने का गंभीर खतरा बना हुआ था। फैक्ट्री परिसर में साफ सफाई और सैनिटेशन की स्थिति भी बेहद खराब मिली। विशेष रूप से क्रेट वॉशिंग एरिया नॉन वेज रिसीविंग एरिया और गाजर काटने वाली मशीन के आसपास अत्यधिक गंदगी पाई गई।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली मशीनों ट्रॉलियों ट्रे मोल्ड एचडीपीई क्रेट और अन्य उपकरणों की नियमित सफाई और रखरखाव नहीं किया जा रहा था। उत्पाद भंडारण क्षेत्र के ऊपर से एयर कंडीशनिंग पाइपलाइन का पानी रिस रहा था जबकि क्रेट साफ करने वाली मशीन भी खराब स्थिति में मिली। इन कमियों को खाद्य सुरक्षा मानकों के लिए गंभीर खतरा माना गया।
एफएसएसएआई ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि खाद्य प्रसंस्करण उपकरणों वेंटिलेशन सिस्टम और भोजन के संपर्क में आने वाले कई बर्तनों पर जंग और क्षरण पाया गया। एग्जॉस्ट फैन पर कीट रोकने वाली जालियां नहीं लगी थीं जिससे मक्खियों और अन्य कीड़ों के प्रवेश का खतरा बना हुआ था। निरीक्षण के दौरान परिसर में मक्खियां मच्छर फ्रूट फ्लाई मकड़ी के जाले और अन्य कीटों का भारी प्रकोप भी पाया गया।
जांच में दीवारों पर सीलन उखड़ता पेंट टूटी हुई फर्श की टाइलें और कई स्थानों पर तेल तथा ग्रीस की मोटी परत भी देखी गई। अर्धनिर्मित और तैयार खाद्य उत्पादों को अलग अलग रखने के नियमों का पालन नहीं किया गया था। इसी तरह शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को भी निर्धारित मानकों के अनुसार अलग नहीं रखा गया। कई कच्चे और अर्धनिर्मित उत्पादों पर निर्माण तिथि या उपयोग की अंतिम तिथि का उल्लेख भी नहीं था। तैयार खाद्य पदार्थ गंदी ट्रे में बिना किसी सुरक्षात्मक लाइनर के रखे गए थे जबकि कोल्ड स्टोरेज में खाद्य सामग्री के साथ कबाड़ भी रखा मिला।
एफएसएसएआई ने यह भी पाया कि कटे हुए चिकन को सामान्य कमरे के तापमान पर डीफ्रॉस्ट किया जा रहा था जो खाद्य सुरक्षा मानकों का स्पष्ट उल्लंघन है। तापमान नियंत्रण की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं थी और निरीक्षण के दौरान एक तैयार चिकन सैंडविच बिना अनिवार्य लेबलिंग के पाया गया।
इन सभी गंभीर कमियों को देखते हुए प्राधिकरण ने कंपनी का लाइसेंस निलंबित कर दिया और निर्देश दिया कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट 2006 के सभी प्रावधानों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित होने तक कोई भी खाद्य व्यावसायिक गतिविधि संचालित नहीं की जाएगी। एफएसएसएआई ने दोहराया है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।
