भारोत्तोलन के मैदान से भारत के लिए सबसे बड़ी सफलता पुरुषों के 110+ किलोग्राम भार वर्ग में आई, जहां लवप्रीत सिंह ने अपनी ताकत का लोहा मनवाया। लवप्रीत ने स्नैच श्रेणी में 176 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क श्रेणी में 212 किलोग्राम का वजन उठाते हुए कुल 388 किलोग्राम भार उठाया और रजत पदक अपने नाम किया। वह बेहद कड़े मुकाबले में महज एक किलोग्राम के अंतर से स्वर्ण पदक से चूक गए। वहीं, महिला वर्ग के 86+ किलोग्राम भार वर्ग में मार्टिना देवी मेबाम कुल 245 किलोग्राम भार उठाकर पांचवें स्थान पर रहीं।
दिन की दूसरी बड़ी उपलब्धि महिलाओं की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में मिली, जहां अनुभवी एथलीट सीमा ने भारत को कांस्य पदक दिलाया। सीमा ने अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास में 58.65 मीटर दूर थ्रो फेंककर पोडियम पर तीसरा स्थान पक्का किया। इसी स्पर्धा में भारत की एक अन्य खिलाड़ी निधि रानी ने भी शानदार प्रदर्शन किया और 57.10 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहीं। एथलेटिक्स में भारत का यह मिला-जुला प्रदर्शन वैश्विक मंच पर देश की बढ़ती धाक को प्रदर्शित करता है।
एथलेटिक्स के अन्य ट्रैक और फील्ड इवेंट्स में भी भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा के क्वालिफिकेशन राउंड में नीरज चोपड़ा, रोहित यादव और यशवीर सिंह तीनों खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए शीर्ष-12 में जगह बनाई और फाइनल में प्रवेश किया। इसके अतिरिक्त, पुरुषों की त्रिकूद स्पर्धा में प्रवीण चित्रावले और सेल्वा प्रभु ने क्वालिफाइंग दौर में क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान हासिल कर फाइनल का टिकट पक्का किया, जबकि डेकाथलॉन में तेजस्विन शंकर ने हाई जंप और लॉन्ग जंप में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए बेहतरीन अंक बटोरे।
हालांकि, कुछ स्पर्धाओं में भारत को निराशा का सामना भी करना पड़ा। पुरुषों की 200 मीटर दौड़ के सेमीफाइनल में अनिमेष कुजुर और 400 मीटर दौड़ में विशाल टीके फाइनल में जगह बनाने से चूक गए। गोला फेंक में तजिंदर पाल सिंह तूर पांचवें स्थान पर रहे। दूसरी ओर, लॉन बॉल्स में पुरुषों की पेयर्स टीम ने जीत दर्ज की, जबकि ट्रैक साइकिलिंग में भारतीय टीम पदक दौर तक नहीं पहुंच सकी। कुल मिलाकर आठवां दिन भारत के लिए पदकों और नए अवसरों से भरा रहा।
