महिला कांग्रेस की शहर अध्यक्ष आसिया सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि भाजपा विरोध और असहमति की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन छात्रों के आंदोलन को अपमानित करने वाली भाषा का इस्तेमाल दुर्भाग्यपूर्ण है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नीट पेपर लीक जैसे मामलों से देशभर के कई छात्र मानसिक रूप से प्रभावित हुए हैं और कुछ ने आत्महत्या जैसा कदम भी उठाया। ऐसे समय में आंदोलनरत छात्रों के संघर्ष का मजाक उड़ाना उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।
प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कंगना रनौत से देश के विद्यार्थियों से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सांसद अपने बयान पर माफी नहीं मांगती हैं तो विरोध प्रदर्शन को और व्यापक किया जाएगा। इस मौके पर कार्यकर्ताओं ने भाजपा और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
