पहली बार व्रत रखने वालों के लिए शुरुआत कैसे करें?
जो श्रद्धालु पहली बार सावन का व्रत रखना चाहते हैं, वे 3 अगस्त से पहले सावन सोमवार व्रत का संकल्प ले सकते हैं। इस वर्ष कुल चार सावन सोमवार और चार मंगला गौरी व्रत पड़ेंगे।
सावन सोमवार की तिथियां
3 अगस्त – पहला सोमवार
10 अगस्त – दूसरा सोमवार
17 अगस्त – तीसरा सोमवार
24 अगस्त – चौथा सोमवार
मंगला गौरी व्रत
4 अगस्त
11 अगस्त
18 अगस्त
25 अगस्त
अन्य प्रमुख व्रत
10 अगस्त – प्रदोष व्रत
11 अगस्त – सावन शिवरात्रि
25 अगस्त – प्रदोष व्रत
व्रत का संकल्प और उद्यापन जरूरी
यदि आप सावन सोमवार व्रत शुरू कर रहे हैं तो 3 अगस्त से संकल्प लेकर चारों सोमवार व्रत करें और 24 अगस्त को विधि-विधान से उद्यापन करें। कुछ परंपराओं में भाद्रपद के पहले सोमवार को पांचवां व्रत रखकर उद्यापन करने की भी मान्यता है। वहीं 16 सोमवार व्रत करने वाले श्रद्धालु भी इसकी शुरुआत पहले सावन सोमवार से करते हैं।
व्रत के दौरान रखें इन नियमों का ध्यान
सावन शुरू होने से पहले ही यह संकल्प लें कि पूरे महीने मांस, मदिरा, धूम्रपान और अन्य तामसिक पदार्थों से दूरी बनाए रखेंगे। इस दौरान ब्रह्मचर्य और संयम का पालन करना भी शुभ माना गया है। व्रत वाले दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और जल हाथ में लेकर भगवान शिव की पूजा तथा व्रत का संकल्प लें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, व्रत तभी फलदायी होता है जब व्यक्ति मन, वचन और कर्म से पवित्र रहे। छल, कपट, क्रोध और घृणा जैसे भावों से दूर रहकर शिव भक्ति करना अधिक महत्वपूर्ण माना गया है।
ऐसे करें भगवान शिव की पूजा
हर सोमवार या व्रत वाले दिन शिवलिंग का जलाभिषेक करें। पूजन में बेलपत्र, अक्षत, कच्चा दूध, शहद, चंदन, पुष्प, भांग, धतूरा और शमी के पत्ते अर्पित किए जा सकते हैं। पुरुष श्रद्धालु ‘ॐ नमः शिवाय’ तथा महिलाएं ‘नमः शिवाय’ मंत्र का जप करें। इसके साथ शिव चालीसा का पाठ और आरती करें। शाम के समय शिवलिंग के समीप दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है।
पूरे सावन में करें शिव आराधना
जिन दिनों व्रत न हो, उन दिनों भी भगवान शिव का जलाभिषेक और नियमित पूजा करना शुभ माना गया है। यदि संभव हो तो किसी एक व्रत के दिन रुद्राभिषेक भी कराया जा सकता है। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई शिव उपासना से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
