महिलाओं के 48 किलोग्राम भारवर्ग में प्रतिस्पर्धा करते हुए ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू ने राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीतकर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया। उन्होंने कुल 190 किलोग्राम वजन उठाकर अपने वर्ग में शीर्ष स्थान हासिल किया। शुरुआती प्रयासों में मिली असफलता से बिना विचलित हुए उन्होंने स्नैच और क्लीन एंड जर्क दोनों चरणों में जबरदस्त वापसी की और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को भारी अंतर से पछाड़ते हुए रिकॉर्ड कायम किया। यह मौजूदा खेलों में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक भी साबित हुआ।
पुरुषों के भारोत्तोलन मुकाबलों में मणिपुर के युवा भारोत्तोलक ऋषिकांता सिंह ने अपनी शारीरिक चोटों की परवाह न करते हुए ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। 60 किलोग्राम वर्ग में भाग लेते हुए उन्होंने स्नैच स्पर्धा में राष्ट्रमंडल खेलों के रिकॉर्ड की बराबरी की। हालांकि घुटने की तकलीफ के चलते क्लीन एंड जर्क के अंतिम प्रयासों में उन्हें संघर्ष करना पड़ा, इसके बावजूद उन्होंने कुल 264 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक अपनी झोली में डाला। इसी स्पर्धा के एक अन्य मुकाबले में आर मुथुपांडी ने भी अपनी क्षमता का प्रदर्शन करते हुए कुल 286 किलोग्राम भार उठाया और भारत के लिए एक और रजत पदक सुनिश्चित किया।
मुक्केबाजी रिंग से भी भारतीय दल के लिए सकारात्मक खबरें सामने आईं, जहां महिला और पुरुष मुक्केबाजों ने अपने-अपने मुकाबलों में दबदबा बनाया। महिला 54 किलोग्राम वर्ग में मुक्केबाज प्रीति ने शानदार खेल दिखाते हुए विपक्षी खिलाड़ी को दूसरे ही दौर में परास्त कर दिया और क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। पुरुष 55 किलोग्राम वर्ग के एक बेहद रोमांचक और एकतरफा मुकाबले में जादूमणि सिंह ने अपने प्रतिद्वंद्वी को सर्वसम्मत फैसले से हराकर अंतिम आठ में अपनी जगह पक्की की। हालांकि 65 किलोग्राम वर्ग में आदित्य प्रताप यादव को कड़े संघर्ष के बाद अंकों के आधार पर हार का सामना करना पड़ा।
अन्य खेल स्पर्धाओं में भारत का दिन मिला-जुला रहा। तैराकी के पुरुषों की 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले वर्ग में भारतीय टीम ने फाइनल तक का सफर तय किया, लेकिन अंतिम दौर में कड़े मुकाबले के बीच वे छठे स्थान पर रहे और पदक से चूक गए। इसके अलावा लॉन बॉल्स, जिम्नास्टिक और व्हीलचेयर बास्केटबॉल की स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी ओर से कड़ी चुनौती पेश की, हालांकि वे अंतिम चरण तक पहुंचने में असफल रहे। तपन मोहंती ने आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक के फाइनल में संघर्ष किया, पर वे पदक तालिका में स्थान बनाने से थोड़ा पीछे रह गए।
