विवाद तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित होने लगा, जिसमें ईरान पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से जुड़े दृश्य दिखाए गए थे। वीडियो की पृष्ठभूमि में कैटी पेरी का वर्ष 2010 में रिलीज हुआ चर्चित गीत ‘Firework’ सुनाई दे रहा था। वीडियो के व्यापक रूप से साझा होने के बाद सिंगर ने सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी व्यक्त की और कहा कि इस उपयोग के लिए उनकी सहमति नहीं ली गई थी।
कैटी पेरी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सैन्य हमलों के दृश्यों के साथ उनके गीत का इस्तेमाल देखकर उन्हें गहरा आश्चर्य और दुख हुआ। उन्होंने कहा कि उनसे न तो इस संबंध में कोई अनुमति मांगी गई और न ही उन्हें इसकी जानकारी दी गई। उनके अनुसार, वह किसी भी प्रकार की हिंसा या सैन्य कार्रवाई को बढ़ावा देने वाले संदेश से अपने संगीत को जोड़कर नहीं देखना चाहतीं।
सिंगर ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि ‘Firework’ गीत का मूल उद्देश्य लोगों को कठिन परिस्थितियों में आशा, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा देना था। उन्होंने कहा कि यह गीत आत्मबल और प्रेरणा का प्रतीक है, इसलिए इसे युद्ध या सैन्य कार्रवाई से जुड़े दृश्यों के साथ प्रस्तुत करना उसके मूल संदेश के विपरीत है। उनका मानना है कि संगीत लोगों को जोड़ने और उनका मनोबल बढ़ाने का माध्यम होना चाहिए, न कि संघर्ष या हिंसा का प्रतीक।
कैटी पेरी लंबे समय से सामाजिक और मानवीय मूल्यों के समर्थन में अपनी राय खुलकर रखती रही हैं। वर्ष 2021 में अमेरिका के राष्ट्रपति पद के शपथ ग्रहण समारोह के अवसर पर उन्होंने इसी गीत ‘Firework’ की प्रस्तुति दी थी। उस समय भी उन्होंने इसे एकता, उम्मीद और सकारात्मक बदलाव के संदेश से जोड़ा था। यही वजह है कि मौजूदा विवाद में उन्होंने विशेष रूप से इस गीत के उद्देश्य और उसके भावनात्मक महत्व का उल्लेख किया।
यह पहली बार नहीं है जब किसी लोकप्रिय कलाकार ने राजनीतिक या सरकारी प्रचार से जुड़े वीडियो में अपने गीत के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई हो। इससे पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय कलाकार अपने संगीत के अनधिकृत उपयोग को लेकर सार्वजनिक रूप से विरोध दर्ज करा चुके हैं। हाल के महीनों में गायिका अरियाना ग्रांडे ने भी एक वीडियो में अपने गीत के उपयोग को लेकर नाराजगी व्यक्त की थी और स्पष्ट किया था कि उनके संगीत का इस्तेमाल उनकी सहमति के बिना नहीं किया जाना चाहिए।
इस तरह के मामलों ने बौद्धिक संपदा अधिकारों, कलाकारों की सहमति और सार्वजनिक मंचों पर रचनात्मक सामग्री के उपयोग से जुड़े कानूनी और नैतिक पहलुओं को फिर चर्चा में ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी रचनात्मक कृति का उपयोग उसके निर्माता की अनुमति और लागू नियमों के अनुरूप होना चाहिए, विशेषकर तब जब उसका संबंध राजनीतिक, सरकारी या सैन्य संदेशों से जुड़ा हो। कैटी पेरी की आपत्ति ने इसी संवेदनशील मुद्दे को एक बार फिर वैश्विक स्तर पर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
