पहले मुकाबले में भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था। उन्होंने केवल 19 गेंदों में अर्धशतक जड़ते हुए साबित कर दिया कि वह बड़े मंच पर भी बेखौफ अंदाज में खेलने का माद्दा रखते हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की रणनीति पूरी तरह बिगाड़ दी थी। दूसरे मुकाबले में भी उनसे इसी तरह की धमाकेदार शुरुआत की उम्मीद रहेगी। यदि उनका बल्ला फिर चला तो भारतीय टीम को बड़ी बढ़त मिल सकती है।
विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन भी शानदार लय में दिखाई दे रहे हैं। पहले मैच में उन्होंने तेज गति से रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया था। इंग्लैंड दौरे पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद ईशान अब लगातार बड़ी पारियां खेलकर अपनी जगह और मजबूत करना चाहेंगे। उनकी तेज शुरुआत विपक्षी टीम पर दबाव बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
गेंदबाजी विभाग में सबसे बड़ी उम्मीद तेज गेंदबाज मयंक यादव से होगी। चोट से वापसी के बाद उन्होंने पहले ही मुकाबले में अपनी रफ्तार और सटीक लाइन लेंथ से सभी को प्रभावित किया। उन्होंने चार ओवर में सिर्फ 18 रन देकर दो विकेट झटके और प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। यदि मयंक इसी लय में गेंदबाजी करते हैं तो जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान नहीं होगा।
हालांकि भारतीय टीम को जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा से सतर्क रहना होगा। रजा बल्ले और गेंद दोनों से मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। इस साल टी20 क्रिकेट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है और घरेलू परिस्थितियों का उन्हें पूरा फायदा मिलता है। यदि वह लंबी पारी खेलने में सफल रहे तो भारत के लिए चुनौती बढ़ सकती है।
तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजारबानी भी जिम्बाब्वे के सबसे प्रभावी खिलाड़ियों में शामिल हैं। पहले मुकाबले में उन्होंने नई गेंद से भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया था और दो अहम विकेट भी अपने नाम किए थे। उनकी अतिरिक्त उछाल और स्विंग भारतीय शीर्ष क्रम की परीक्षा ले सकती है।
कुल मिलाकर दूसरे टी20 मुकाबले में भारत के पास सीरीज जीतने का शानदार मौका है, लेकिन जिम्बाब्वे भी वापसी के लिए पूरा दम लगाएगा। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, मयंक यादव, सिकंदर रजा और ब्लेसिंग मुजारबानी जैसे खिलाड़ी इस मुकाबले के सबसे बड़े गेमचेंजर साबित हो सकते हैं।
