मिली जानकारी के मुताबिक मुख्य आरोपी संतोष सेन धार में आरक्षक के पद पर पदस्थ है और पीड़िता का पड़ोसी भी है। बीते 22 जुलाई की शाम आरोपी संतोष ने एक परिचित महिला के मोबाइल से किशोरी को फोन किया और अपनी बेटी के जन्मदिन का हवाला देते हुए उसे लाल परेड मैदान के पास मिलने के लिए बुलाया। मासूम छात्रा पड़ोसी पर भरोसा करके शाम करीब 6:30 बजे तय जगह पर पहुँच गई। वहाँ संतोष सेन अपने साथी आरक्षक जितेंद्र राजपूत के साथ कार में मौजूद था, जो ग्वालियर में पदस्थ है। जितेंद्र की कार में उसका छोटा बेटा भी बैठा हुआ था। आरोपी संतोष ने बेहद चालाकी से छात्रा का विश्वास हासिल किया और उसे झांसा देकर एमपी नगर स्थित एक मकान में ले गया।
मकान में पहुँचते ही मुख्य आरोपी संतोष ने कमरा अंदर से बंद कर लिया और छात्रा को बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान साथी आरक्षक जितेंद्र राजपूत अपने मासूम बच्चे के साथ बाहर खड़ा होकर पहरा देता रहा ताकि कोई अचानक वहाँ न आ पहुँचे। हैवानियत का शिकार होने के बाद जब पीड़िता किसी तरह अपने घर पहुँची, तो उसने अपने परिजनों को इस खौफनाक घटना की पूरी जानकारी दी। परिजनों के होश उड़ गए और वे तुरंत पीड़िता को लेकर कमला नगर थाने पहुँचे।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए कमला नगर थाने में तुरंत जीरो एफआईआर दर्ज की गई, जिसके बाद मामले को जहांगीराबाद थाने स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपी जवानों को हिरासत में लिया और गहन पूछताछ के बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत कड़ा मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और पीड़िता के बयानों के आधार पर निष्पक्ष व कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
