नई दिल्ली । एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड के शेयर मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में 6.85 प्रतिशत प्रीमियम के साथ सूचीबद्ध हुए। कंपनी का शेयर 574 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 613.30 रुपये पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर कारोबार के लिए खुला। लिस्टिंग के साथ निवेशकों को प्रति शेयर 39.30 रुपये का लाभ मिला। हालांकि, बाजार में पहले से चल रहे ग्रे मार्केट प्रीमियम के अनुमान की तुलना में यह शुरुआत अपेक्षाकृत कमजोर मानी गई।
आईपीओ में जिन निवेशकों को शेयर आवंटित हुए थे, उन्हें पहले ही दिन सकारात्मक रिटर्न मिला। प्रति शेयर 39.30 रुपये के लिस्टिंग लाभ के आधार पर एक लॉट पर निवेशकों को लगभग 1,021.80 रुपये का फायदा हुआ। हालांकि, बाजार के कई जानकारों को इससे अधिक प्रीमियम की उम्मीद थी, क्योंकि ग्रे मार्केट में शेयर का प्रीमियम काफी ऊंचे स्तर पर चल रहा था।
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का आईपीओ 14 जुलाई से 16 जुलाई के बीच निवेशकों के लिए खुला था। इस सार्वजनिक निर्गम को सभी श्रेणियों के निवेशकों से मजबूत प्रतिक्रिया मिली और कुल मिलाकर यह 41.62 गुना सब्सक्राइब हुआ। सबसे अधिक रुचि क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स ने दिखाई, जिनका हिस्सा 140.11 गुना भरा। इसके अलावा नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों का कोटा 22.50 गुना, रिटेल निवेशकों का हिस्सा 3.52 गुना, कर्मचारियों का कोटा 4.62 गुना तथा शेयरधारकों का आरक्षित हिस्सा 9.45 गुना सब्सक्राइब हुआ।
कंपनी ने इस आईपीओ के लिए 545 रुपये से 574 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। कुल 9,812.91 करोड़ रुपये का यह इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल के रूप में लाया गया। इसका मतलब है कि इस निर्गम के तहत कोई नया शेयर जारी नहीं किया गया। मौजूदा प्रमोटर और शेयरधारकों ने अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा निवेशकों को बेचा। इसलिए इस आईपीओ से प्राप्त राशि कंपनी के विस्तार या परिचालन में नहीं जाएगी, बल्कि शेयर बेचने वाले मौजूदा निवेशकों को प्राप्त होगी।
लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयरों का प्रीमियम लगभग 104 रुपये तक पहुंच गया था। इसके आधार पर बाजार में अनुमान लगाया जा रहा था कि शेयर करीब 678 रुपये के स्तर पर सूचीबद्ध हो सकता है, जो इश्यू प्राइस से लगभग 18 प्रतिशत अधिक होता। हालांकि वास्तविक लिस्टिंग 613.30 रुपये पर हुई, जिससे स्पष्ट हुआ कि ग्रे मार्केट के संकेत इस बार वास्तविक बाजार प्रदर्शन से मेल नहीं खा सके।
बाजार विशेषज्ञ लंबे समय से यह सलाह देते रहे हैं कि ग्रे मार्केट प्रीमियम को केवल संभावित संकेत के रूप में देखा जाना चाहिए, क्योंकि यह किसी भी शेयर की वास्तविक लिस्टिंग का निश्चित पैमाना नहीं होता। शेयर की सूचीबद्धता कई कारकों पर निर्भर करती है, जिनमें बाजार की स्थिति, निवेशकों की मांग और लिस्टिंग के दिन का समग्र निवेश माहौल शामिल होता है।
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की लिस्टिंग ने यह जरूर दिखाया कि मजबूत सब्सक्रिप्शन के बावजूद हर आईपीओ ग्रे मार्केट के अनुमान के अनुरूप प्रदर्शन नहीं करता। फिर भी निवेशकों को पहले दिन सकारात्मक रिटर्न मिला और अब बाजार की नजर कंपनी के आगामी कारोबारी प्रदर्शन तथा शेयर की आगे की चाल पर बनी रहेगी।
