श्रीकांत ने कहा कि भारतीय टीम को आयरलैंड टी20 सीरीज इंग्लैंड टी20 सीरीज और इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। ऐसे में टीम प्रबंधन को अपनी रणनीति की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि भारत जिम्बाब्वे श्रीलंका या वेस्टइंडीज जैसी टीमों के खिलाफ जीत दर्ज करता है तो उसे बड़ी उपलब्धि नहीं माना जाना चाहिए। असली पैमाना यह होना चाहिए कि टीम ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड और अन्य मजबूत देशों के खिलाफ कैसा प्रदर्शन करती है।
पूर्व सलामी बल्लेबाज ने 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि विश्व कप से पहले बहुत कम वनडे मुकाबले बचे हैं इसलिए लगातार प्रयोग करना टीम के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि बार बार प्लेइंग इलेवन बदलने से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास प्रभावित होता है और टीम का संतुलन भी बिगड़ता है। चोटिल खिलाड़ियों की बढ़ती संख्या भी टीम के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
श्रीकांत ने विशेष रूप से केएल राहुल के बल्लेबाजी क्रम पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि लक्ष्य का पीछा करते समय राहुल जैसे अनुभवी बल्लेबाज को निचले क्रम में भेजना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि राहुल कई बार दबाव की परिस्थितियों में भारत को जीत दिला चुके हैं और उन्हें विराट कोहली के साथ शुरुआती चरण में बल्लेबाजी के लिए भेजा जाना चाहिए था। जब रन गति पूरी तरह हाथ से निकल चुकी थी तब उन्हें बल्लेबाजी के लिए भेजना उनके साथ अन्याय जैसा था।
उन्होंने यह भी कहा कि टीम मैनेजमेंट लगातार खिलाड़ियों की भूमिका बदल रहा है जिससे उनकी लय प्रभावित हो रही है। श्रीकांत के अनुसार राहुल की बॉडी लैंग्वेज भी मैच के दौरान आत्मविश्वास से भरी नजर नहीं आई। उनका मानना है कि यदि राहुल चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करते तो वह विराट कोहली के साथ बड़ी साझेदारी बनाकर मैच को अंत तक ले जा सकते थे जैसा उन्होंने 2023 विश्व कप में कई मौकों पर किया था।
पूर्व कप्तान ने यह भी कहा कि भारतीय टीम को विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट को ध्यान में रखते हुए अब स्थिर संयोजन तैयार करना चाहिए। लगातार बदलाव और प्रयोग की नीति से टीम को दीर्घकालिक नुकसान हो सकता है। उनका मानना है कि टीम प्रबंधन को खिलाड़ियों की स्पष्ट भूमिकाएं तय करनी होंगी ताकि बड़े मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।
भारतीय टीम की हालिया हार के बाद श्रीकांत के ये बयान क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ सकते हैं। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाली सीरीज में टीम मैनेजमेंट अपनी रणनीति में कोई बदलाव करता है या नहीं।
