जानकारी के अनुसार घटना 13 जुलाई की रात करीब तीन बजे की है। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के नगरिया निवासी केशव सविता गोरखपुर उज्जैन ट्रेन के जनरल कोच में सफर कर रहे थे। ट्रेन जब शुजालपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर रुकी तो वे चने खरीदने के लिए नीचे उतरे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे दो अज्ञात बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया।
बदमाशों ने केशव पर चाकू से वार किया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हमला करने के बाद दोनों आरोपी उनका पर्स और बैग लेकर मौके से फरार हो गए। अचानक हुई इस वारदात से स्टेशन पर अफरा तफरी का माहौल बन गया। घायल यात्री को तत्काल सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के इलाके में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान बदमाशों द्वारा फेंका गया पर्स और आधार कार्ड बरामद कर लिया गया जिसे बाद में पीड़ित को लौटा दिया गया। हालांकि बैग और अन्य सामान के साथ फरार हुए आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
घटना के सात दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से यात्रियों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को मजबूत किया जाना चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। यात्रियों का कहना है कि देर रात स्टेशन पर पर्याप्त सुरक्षा बल की मौजूदगी नहीं होने का फायदा असामाजिक तत्व उठा रहे हैं।
इधर स्टेशन पर एक और समस्या भी सामने आई है। यात्रियों ने शिकायत की है कि कुछ किन्नर जबरन पैसे मांगते हैं और कई बार ऑनलाइन भुगतान करने का दबाव भी बनाते हैं। इस संबंध में काजी एस रहमान ने शिकायत पुस्तिका में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्टेशन परिसर में ऐसी गतिविधियों पर भी सख्ती से रोक लगाई जानी चाहिए ताकि यात्रियों को सुरक्षित माहौल मिल सके।
रेलवे पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। वहीं यह घटना एक बार फिर रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की जरूरत की ओर इशारा कर रही है।
