नगर निगम की कार्रवाई जोन क्रमांक-3 के अंतर्गत जेल रोड क्षेत्र में की गई, जहां लंबे समय से जर्जर हालत में खड़ा भवन लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ था। भवन अधिकारी पल्लवी पाल ने बताया कि नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देश पर शहर के जर्जर भवनों का सर्वे कराया जा रहा है और जिन इमारतों से दुर्घटना की आशंका है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हटाया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार जेल रोड स्थित भवन के समीप मेट्रो स्टेशन का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य के दौरान लगातार हो रहे कंपन के कारण भवन की गैलरी हिलने लगी थी और उसके कभी भी गिरने की आशंका बनी हुई थी। इसी खतरे को देखते हुए निगम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे भवन को गिरा दिया, ताकि बारिश के दौरान कोई बड़ा हादसा न हो।
कार्रवाई के दौरान पास के एक अन्य मकान की गैलरी भी बेहद जर्जर पाई गई। भवन स्वामिनी विनोदिनी अग्रवाल मौके पर मौजूद नहीं थीं, इसलिए निगम ने उन्हें नोटिस जारी कर गैलरी हटाने के लिए दो दिन का समय दिया है। यदि निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं की गई तो नगर निगम स्वयं गैलरी हटाकर खर्च की वसूली नियमानुसार करेगा।
इसके बाद निगम का अमला कुमार मोहल्ला पहुंचा, जहां नगर निगम के पुराने और अनुपयोगी क्वार्टरों को हटाने की कार्रवाई की गई। कार्रवाई से पहले कर्मचारियों ने भवनों से सामान सुरक्षित बाहर निकलवाया और उसके बाद मशीनों की मदद से जर्जर ढांचों को तोड़ दिया गया।
नगर निगम ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके मकान का कोई हिस्सा कमजोर या जर्जर हो चुका है तो उसे समय रहते हटवा लें। इससे बारिश के दौरान भवन गिरने जैसी घटनाओं से बचा जा सकेगा और जनहानि की आशंका भी कम होगी। अधिकारियों का कहना है कि मानसून के पूरे मौसम में शहरभर में ऐसे जर्जर भवनों की पहचान कर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
