39 वर्षीय सर्बियाई स्टार को सेमीफाइनल में जैनिक सिनर ने 6-4, 6-4, 6-4 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। पूरे मुकाबले में सिनर ने आक्रामक और संतुलित खेल दिखाया तथा जोकोविच को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। हार के बाद जब जोकोविच सेंटर कोर्ट से बाहर निकले तो दर्शकों ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका सम्मान किया। इसके बाद उनके संन्यास को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं, लेकिन जोकोविच ने इन सभी अटकलों को तुरंत खारिज कर दिया।
जोकोविच ने कहा कि वह कम से कम एक बार और विंबलडन में खेलना चाहते हैं। उन्होंने माना कि इस हार से उन्हें निराशा हुई है क्योंकि उनका लक्ष्य एक और विंबलडन खिताब जीतना था। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से वह लगातार मेहनत करते हैं और खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं।
उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन को सकारात्मक बताया। खास तौर पर क्वार्टर फाइनल में फेलिक्स ऑगर-अलियासिमे के खिलाफ मिली जीत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस मुकाबले ने साबित किया कि वह आज भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। उनके अनुसार, यह प्रदर्शन उनके आत्मविश्वास को मजबूत करता है और बताता है कि वह अब भी शीर्ष स्तर का टेनिस खेल सकते हैं।
जोकोविच ने स्वीकार किया कि सेमीफाइनल में वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सके। उन्होंने जैनिक सिनर की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने शानदार टेनिस खेली और जीत के पूरी तरह हकदार रहे। हालांकि इस हार का दुख रहेगा, लेकिन वह इसे पीछे छोड़कर आगे की चुनौतियों पर ध्यान देना चाहते हैं।
24 ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुके जोकोविच की अब नजर यूएस ओपन 2026 पर होगी। यदि वह वहां खिताब जीतने में सफल रहते हैं तो यह उनके करियर का 25वां ग्रैंड स्लैम होगा और वह इस मामले में मार्गरेट कोर्ट का रिकॉर्ड पीछे छोड़ देंगे। यही लक्ष्य उन्हें लगातार प्रेरित कर रहा है।
जोकोविच ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी रिकॉर्ड या बाहरी दबाव के कारण नहीं खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें आज भी टेनिस से उतना ही प्यार है और उन्हें पूरा विश्वास है कि वह दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ जीत हासिल करने में सक्षम हैं। यही विश्वास उन्हें आगे भी कोर्ट पर उतरने और नई उपलब्धियां हासिल करने की प्रेरणा देता रहेगा।
