प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह अचानक प्रवेश द्वार के ऊपरी हिस्से से लाल पत्थरों के कई टुकड़े टूटकर नीचे आ गिरे। किसी को संभलने का मौका भी नहीं मिला और एक बड़ा पत्थर नीचे खड़े व्यक्ति के पैर पर गिर गया जिससे उसे चोट लग गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घायल की मदद की और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। घटना के बाद कुछ देर के लिए वहां अफरा तफरी का माहौल बन गया और श्रद्धालु भयभीत नजर आए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि माता टेकरी देवास का प्रमुख धार्मिक स्थल है जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। विशेष अवसरों और त्योहारों पर यहां हजारों लोगों की भीड़ उमड़ती है। ऐसे में प्रवेश द्वार जैसी महत्वपूर्ण संरचना से पत्थर गिरना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते इस तरह की संरचनाओं की नियमित जांच और मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
घटना के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की कि पूरे प्रवेश द्वार और रपट मार्ग की तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही जिन स्थानों पर पत्थर ढीले हैं या संरचना कमजोर हो चुकी है वहां तत्काल मरम्मत कराई जाए ताकि किसी भी श्रद्धालु की जान जोखिम में न पड़े। लोगों ने यह भी कहा कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
माता टेकरी न केवल देवास बल्कि आसपास के जिलों के लोगों की गहरी आस्था का केंद्र है। यहां प्रतिदिन दूर दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम दे सकती है। फिलहाल इस घटना में केवल एक व्यक्ति घायल हुआ है लेकिन इसे चेतावनी के रूप में देखते हुए प्रशासन को तत्काल आवश्यक कदम उठाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग इस घटना को गंभीरता से लेते हुए प्रवेश द्वार की मजबूती की जांच कराएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करेगा ताकि श्रद्धालु बिना किसी भय के माता टेकरी के दर्शन कर सकें।
