स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच में अविनाश शुक्ला को इस कथित गबन प्रकरण की मुख्य कड़ी माना गया है। जांच रिपोर्ट में उनके खिलाफ उपलब्ध प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर उन्हें प्रमुख आरोपी के रूप में चिन्हित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज, बैंक खातों के विवरण, बरामदगी से जुड़े रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों का विश्लेषण करने के बाद जांच टीम इस निष्कर्ष पर पहुंची कि मामले की परतें खोलने में अविनाश शुक्ला की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान भी संभव हो सकी।
जांच के अगले चरण में पुलिस ने लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडेय को रिमांड पर लिया है। तीनों आरोपियों से लगातार करीब 40 घंटे तक पूछताछ की जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि आमने-सामने की पूछताछ और पहले दर्ज किए गए बयानों के मिलान से मामले की कई अहम कड़ियां स्पष्ट होंगी। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान धन के कथित गबन, उसके उपयोग और संभावित सहयोगियों से जुड़े पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
जांच के दायरे को व्यापक बनाते हुए पुलिस ने कुछ अन्य लोगों से भी पूछताछ शुरू की है। आरोपी अनुकल्प मिश्रा के एक रिश्तेदार से जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा एक सर्राफा कारोबारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। निर्माण सामग्री के कारोबार से जुड़े कुछ लोगों से भी जानकारी एकत्र की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित रूप से गबन की गई धनराशि का उपयोग किन-किन कार्यों में किया गया और उसका आर्थिक लेनदेन किस प्रकार हुआ।
जांच अधिकारियों का कहना है कि अब तक मिले साक्ष्यों और आरोपियों के बयानों में कुछ ऐसे बिंदु सामने आए हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इसी कारण पुलिस ने अदालत से रिमांड लेकर विस्तृत पूछताछ की अनुमति प्राप्त की है। जांच एजेंसियां डिजिटल रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेजों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का भी मिलान कर रही हैं ताकि पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके।
राम मंदिर से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले पर देशभर की नजर बनी हुई है। जांच एजेंसियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया कानून के दायरे में और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। पूछताछ पूरी होने के बाद यदि नए तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस का मुख्य उद्देश्य कथित गबन की पूरी श्रृंखला, उससे जुड़े सभी लोगों की भूमिका और धन के अंतिम उपयोग तक पहुंचना है, ताकि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच सुनिश्चित की जा सके।
