मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश सरकार ने रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े मामलों के त्वरित और प्रभावी निपटारे की दिशा में महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए मध्यप्रदेश भू संपदा अपीलीय अधिकरण रिएट का नया चेयरमैन नियुक्त कर दिया है। राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी को रिएट का अध्यक्ष बनाया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने इस संबंध में शुक्रवार को नियुक्ति आदेश जारी कर दिया। उनके पदभार ग्रहण करने के साथ ही रिएट की न्यायिक व्यवस्था को नया नेतृत्व मिलेगा।
जारी आदेश के अनुसार जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से अधिकतम पांच वर्ष अथवा 67 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक रहेगा। इनमें से जो भी स्थिति पहले आएगी वही प्रभावी होगी। शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि उन्हें इस पद पर दोबारा नियुक्ति का अवसर नहीं मिलेगा। उनकी नियुक्ति मध्यप्रदेश भू संपदा विनियमन और विकास अधिनियम 2016 के प्रावधानों के तहत की गई है।
जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी पूर्व अध्यक्ष न्यायमूर्ति वीपीएस चौहान का स्थान लेंगे। न्यायिक सेवा में लंबे अनुभव रखने वाले द्विवेदी अब प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े विवादों की अपीलीय सुनवाई का दायित्व संभालेंगे। उनकी नियुक्ति से अधिकरण में लंबित मामलों के तेजी से निपटारे और न्यायिक प्रक्रिया को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
मध्यप्रदेश भू संपदा अपीलीय अधिकरण यानी रिएट रेरा अधिनियम के तहत गठित एक विशेष न्यायिक संस्था है। इसका मुख्यालय भोपाल में स्थित है। यह अधिकरण मध्यप्रदेश रेरा प्राधिकरण अथवा न्याय निर्णायक अधिकारी द्वारा दिए गए आदेशों और निर्णयों के खिलाफ दायर अपीलों की सुनवाई करता है। रियल एस्टेट परियोजनाओं बिल्डरों डेवलपर्स और फ्लैट खरीदारों के बीच उत्पन्न होने वाले विवादों में रेरा के फैसलों से असंतुष्ट पक्ष यहां अपील कर सकता है।

रेरा के किसी आदेश के खिलाफ अपील दायर करने के लिए संबंधित पक्ष को आदेश जारी होने की तारीख से 60 दिनों के भीतर रिएट का दरवाजा खटखटाना होता है। अधिकरण दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अंतिम निर्णय देता है। यदि कोई पक्ष रिएट के फैसले से भी संतुष्ट नहीं होता तो उसके पास मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में अपील करने का कानूनी अधिकार रहता है।
रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बनाए रखने और निवेशकों के हितों की रक्षा करने में रेरा और रिएट की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। रिएट बिल्डरों और खरीदारों के बीच होने वाले विवादों का कानूनी समाधान उपलब्ध कराता है जिससे परियोजनाओं में जवाबदेही और भरोसा दोनों मजबूत होते हैं। ऐसे में अनुभवी न्यायाधीश जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की नियुक्ति को प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर के लिए अहम कदम माना जा रहा है। इससे अपीलों के समयबद्ध निपटारे के साथ न्यायिक प्रक्रिया में और अधिक पारदर्शिता तथा प्रभावशीलता आने की उम्मीद है।
