सुनील छेत्री के अनुसार मेसी और रोनाल्डो ने अपने करियर में लगभग हर बड़ा सम्मान हासिल कर लिया है, लेकिन इसके बावजूद उनके खेल में जुनून और जीतने की इच्छा आज भी वैसी ही दिखाई देती है जैसी करियर के शुरुआती वर्षों में थी। यही गुण उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाता है। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक विश्व फुटबॉल के शीर्ष स्तर पर बने रहना असाधारण उपलब्धि है और इसके पीछे लगातार मेहनत करने की मानसिकता सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
फुटबॉल जगत में पिछले दो दशकों से मेसी और रोनाल्डो का दबदबा कायम रहा है। दोनों खिलाड़ियों ने क्लब और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक रिकॉर्ड बनाए हैं और करोड़ों प्रशंसकों के दिलों में विशेष स्थान हासिल किया है। अब जबकि दोनों खिलाड़ी अपने करियर के अंतिम चरण की ओर बढ़ रहे हैं, फिर भी उनका प्रदर्शन दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों को प्रभावित कर रहा है। छेत्री का मानना है कि वर्तमान पीढ़ी के खिलाड़ी उनके करियर से प्रेरणा लेकर अपने खेल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।
उन्होंने हालिया टूर्नामेंट के कुछ यादगार पलों का भी उल्लेख किया। छेत्री ने मेसी की शानदार हैट्रिक को टूर्नामेंट का सबसे खास क्षण बताया। उनके अनुसार इस प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित किया कि मेसी को फुटबॉल इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में क्यों गिना जाता है। इसके अलावा जापान की प्रभावशाली जीत को भी उन्होंने एशियाई फुटबॉल के बढ़ते स्तर का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि एशियाई देशों की टीमों का लगातार बेहतर प्रदर्शन महाद्वीप के फुटबॉल विकास का सकारात्मक संकेत है।
छेत्री ने यह भी कहा कि वर्तमान समय फुटबॉल प्रशंसकों के लिए बेहद खास है क्योंकि वे एक ओर मेसी और रोनाल्डो जैसे दिग्गजों के करियर के अंतिम अध्याय का आनंद ले रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नई पीढ़ी के सितारे भी तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने काइलियन एम्बाप्पे और एर्लिंग हालैंड जैसे खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए कहा कि ये खिलाड़ी आने वाले वर्षों में विश्व फुटबॉल की नई दिशा तय कर सकते हैं।
भारतीय कप्तान का मानना है कि अलग-अलग पीढ़ियों के खिलाड़ियों की तुलना करना उचित नहीं है। उनके अनुसार हर युग के महान खिलाड़ियों की अपनी अलग कहानी और उपलब्धियां होती हैं। मेसी और रोनाल्डो ने जो विरासत बनाई है, वह अद्वितीय है, जबकि एम्बाप्पे, हालैंड और अन्य युवा खिलाड़ी अपनी नई पहचान गढ़ रहे हैं। फुटबॉल प्रेमियों को इस बदलाव का आनंद लेना चाहिए और हर पीढ़ी के खिलाड़ियों की उपलब्धियों का सम्मान करना चाहिए।
विश्व फुटबॉल में इस समय कई बड़े फॉरवर्ड खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। मेसी, रोनाल्डो, एम्बाप्पे, हालैंड, हैरी केन और अन्य स्टार खिलाड़ियों ने अपने खेल से दर्शकों को रोमांचित किया है। छेत्री का कहना है कि किसी बड़े टूर्नामेंट में इतने सारे शीर्ष खिलाड़ियों का एक साथ बेहतरीन प्रदर्शन करना खेल प्रेमियों के लिए किसी उपहार से कम नहीं है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सफलता केवल प्रतिभा से नहीं मिलती, बल्कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और सीखने की इच्छा से हासिल होती है। मेसी और रोनाल्डो इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। यही कारण है कि वे केवल महान फुटबॉलर ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत भी बने हुए हैं।
