गुरुवार को गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रपति भवन पहुंचकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। राष्ट्रपति भवन की ओर से सोशल मीडिया पर इस बैठक की जानकारी साझा की गई, जिसमें बताया गया कि यह मुलाकात राष्ट्रपति भवन में हुई। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मंगलवार को राष्ट्रपति से भेंट की थी, जिसके बाद से ही राजनीतिक हलकों में मंत्रिपरिषद में संभावित बदलावों की चर्चा तेज हो गई थी।
सूत्रों और राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इन लगातार उच्च स्तरीय बैठकों को मंत्रिपरिषद में फेरबदल की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इस बारे में कोई पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने अटकलों को और मजबूत कर दिया है।
हाल के दिनों में केंद्रीय मंत्रिपरिषद में कुछ बदलाव पहले ही देखने को मिले हैं। केरल से भाजपा के वरिष्ठ नेता जॉर्ज कुरियन ने राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। वे अल्पसंख्यक मामलों और मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे। उनका कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें दोबारा राज्यसभा के लिए नामित नहीं किया गया।
इसी तरह रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह का भी राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद उच्च सदन में पुनः नामांकन नहीं हुआ है। वे खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री का भी दायित्व संभाल रहे थे। ऐसे घटनाक्रमों ने यह संकेत दिया है कि सरकार संगठनात्मक और प्रशासनिक स्तर पर पुनर्गठन की दिशा में विचार कर रही है।
इसके अतिरिक्त कुछ केंद्रीय मंत्रियों को उनके गृह राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियां दिए जाने की चर्चाएं भी सामने आई हैं। इस तरह के बदलाव अक्सर राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक मजबूती के दृष्टिकोण से किए जाते हैं। इन्हीं संकेतों के चलते मंत्रिपरिषद विस्तार की संभावना पर राजनीतिक गलियारों में चर्चा और तेज हो गई है।
विश्लेषकों का मानना है कि केंद्र सरकार समय-समय पर अपनी टीम में बदलाव कर प्रशासनिक दक्षता और राजनीतिक संतुलन बनाए रखने का प्रयास करती है। ऐसे में आगामी समय में मंत्रिपरिषद में नए चेहरों की एंट्री या कुछ मौजूदा मंत्रियों की भूमिका में बदलाव संभव माना जा रहा है।
फिलहाल सरकार की ओर से किसी भी प्रकार के आधिकारिक बयान में मंत्रिमंडल विस्तार की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन राष्ट्रपति से लगातार शीर्ष नेतृत्व की मुलाकातों ने राजनीतिक वातावरण को और अधिक सक्रिय कर दिया है। आने वाले दिनों में इस विषय पर स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना जताई जा रही है।
