उज्जैन के महिदपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बिना नाम लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने अपनी पार्टी की कमान ‘नौसिखियों’ के हाथ में दे दी है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि जब गाड़ी चलाने वाले ही अनुभवहीन हों तो गाड़ी आगे बढ़ने के बजाय पीछे ही जाएगी। इससे पहले भी मुख्यमंत्री पटवारी को लेकर तीखी टिप्पणियां कर चुके हैं। राजनीतिक गलियारों में उनके इस बयान को राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त होने से जोड़कर देखा जा रहा है।
उधर ग्वालियर में यूथ कांग्रेस द्वारा आयोजित ‘रन फॉर OTF’ मैराथन कार्यक्रम में उस समय अजीब स्थिति बन गई जब कांग्रेस के मंच पर ही ‘कांग्रेस पार्टी मुर्दाबाद’ के नारे गूंजने लगे। कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधायक जयवर्धन सिंह सहित कई नेता मौजूद थे। बताया जा रहा है कि मैराथन में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन पुरस्कार नहीं मिलने से नाराज कुछ प्रतिभागियों ने मंच के सामने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते नाराजगी नारेबाजी में बदल गई और कांग्रेस के मंच पर ही कांग्रेस विरोधी आवाजें सुनाई देने लगीं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
राजनीतिक हलचल के बीच मंडला से भी एक दिलचस्प तस्वीर सामने आई। भाजपा सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते जिले के निवास क्षेत्र के देवगांव में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम समाप्ति की ओर था कि अचानक तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल पर लगा बैनर उतार लिया और उसे सांसद के सिर के ऊपर तानकर खड़े हो गए। कुछ देर तक सांसद इसी अस्थायी व्यवस्था के सहारे बारिश से बचते रहे। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
इसी बीच मंत्रालय से जुड़ा एक रोचक किस्सा भी चर्चा में रहा। एक पुलिस अधिकारी अपनी बेटी की शादी का निमंत्रण देने एक वरिष्ठ महिला अधिकारी के कार्यालय पहुंचे, लेकिन महिला अधिकारी ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया और कर्मचारी के माध्यम से ही कार्ड मंगवा लिया। यह घटना भी मंत्रालय के गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
राजनीति, प्रशासन और सामाजिक घटनाओं से जुड़ी इन घटनाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मध्य प्रदेश की सियासत में हर दिन कुछ न कुछ ऐसा होता है, जो लोगों की चर्चा और सोशल मीडिया की सुर्खियां बन जाता है।
