इंदौर पहुंचने के बाद राष्ट्रपति मुर्मू सीधे ओंकारेश्वर के लिए रवाना हुईं। यहां वे भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन और विशेष पूजा-अर्चना करेंगी। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर ओंकारेश्वर और इंदौर दोनों स्थानों पर प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है।
राष्ट्रपति के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इंदौर में विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया। उन्होंने वीर हनुमान मंदिर परिसर स्थित ऐतिहासिक बावड़ी का अवलोकन किया और शहर की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को लेकर अधिकारियों से चर्चा की।
राष्ट्रपति मुर्मू का यह दौरा कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों से जुड़ा हुआ है। 19 जून को वे अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष जागरूकता कार्यक्रम में भाग लेंगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर आनुवंशिक बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और प्रभावित समुदायों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाना है। इसके अलावा राष्ट्रपति ग्वालियर और श्योपुर में आयोजित विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों में भी शामिल होंगी।
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती है। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के अनुसार एयरपोर्ट और उसके आसपास के क्षेत्रों को अस्थायी रूप से नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। वहीं 17 से 19 जून तक शहर के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है ताकि वीआईपी मूवमेंट के दौरान आम जनता को न्यूनतम परेशानी हो।
ओंकारेश्वर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। दर्शनार्थियों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था, बस सेवाएं और मार्गदर्शन केंद्र बनाए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित ट्रैफिक प्लान का पालन करें और यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलें।
राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर भारी मालवाहक वाहनों के मार्ग भी बदले गए हैं। इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर चलने वाले ट्रकों और अन्य भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा है। इससे वीआईपी रूट पर यातायात का दबाव कम करने और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने में मदद मिलेगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा धार्मिक, सामाजिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे प्रदेश में विकास, स्वास्थ्य जागरूकता और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े कार्यक्रमों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
