ग्रामीणों के अनुसार ग्राम शाहपुर में अपर पूर्वी नहर सिंचाई विभाग की डगरी टोला सब माइनर क्रमांक-2 के समीप एक मार्ग लंबे समय से आवागमन के लिए उपयोग में था। इस रास्ते का महत्व इसी बात से समझा जा सकता है कि ग्राम पंचायत ने यहां पहले पीसीसी सड़क का निर्माण भी कराया था। लेकिन 14 जून को कथित रूप से दो ट्रक मिट्टी डलवाकर इस मार्ग को बंद कर दिया गया, जिससे गांव के लोगों का आवागमन बाधित हो गया।
रास्ता बंद होने के बाद ग्रामीणों को अपने दैनिक कार्यों के लिए लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। इसका सबसे अधिक असर किसानों, विद्यार्थियों, मजदूरों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ रहा है। खेतों तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लग रहा है, जबकि स्कूली बच्चों को भी स्कूल आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस रास्ते से वे वर्षों से आसानी से आवागमन करते थे, उसके बंद होने से उनकी दिनचर्या प्रभावित हो गई है।
जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीण कमलेश कुमार प्रजापति ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए कई बार स्थानीय स्तर पर अधिकारियों और संबंधित पक्षों से संपर्क किया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
ग्रामीण राजेश प्रजापति ने कहा कि यह मार्ग सार्वजनिक उपयोग का रास्ता रहा है और गांव के अनेक परिवार इसी पर निर्भर हैं। ऐसे में इसे बंद कर देना लोगों के अधिकारों का हनन है। उन्होंने प्रशासन से मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करने और मार्ग को पुनः चालू कराने की मांग की।
संतोष प्रजापति ने बताया कि रास्ता बंद होने के कारण लोगों को कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ सकती है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि नहर विभाग की भूमि से अतिक्रमण हटाया जाए तथा मिट्टी डालकर बंद किए गए सार्वजनिक मार्ग को तत्काल बहाल किया जाए। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति ने इस मुद्दे की गंभीरता को स्पष्ट कर दिया है। अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं और वे जल्द राहत मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।
